मानसून की रफ्तार सुस्त, हिमाचल को अभी करना होगा इंतजार, पिछले साल 20 जून को दी थी दस्तक

 




शिमला, 20 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून का इंतजार इस बार पिछले साल की तुलना में लंबा खिंचता दिख रहा है। वर्ष 2025 में मानसून ने आज ही के दिन 20 जून को प्रदेश में दस्तक दे दी थी, लेकिन इस बार इसकी चाल सुस्त पड़ गई है। भारतीय मौसम विभाग की ताजा स्थिति के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा अभी हिमाचल से काफी दूर है और 23 जून तक इसके बिहार के अधिकांश हिस्सों तथा छत्तीसगढ़ के कुछ और क्षेत्रों तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। ऐसे में हिमाचल में मानसून की आधिकारिक एंट्री में फिलहाल देरी नजर आ रही है।

हिमाचल में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 25 जून मानी जाती है और आमतौर पर इस समय तक मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय हो जाता है। हालांकि इस बार मौसम विभाग के विस्तारित पूर्वानुमान और वर्तमान मौसमी परिस्थितियां संकेत दे रही हैं कि प्रदेश को कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है। यदि कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ तो जून के तीसरे सप्ताह के समाप्त होते-होते भी मानसून की दस्तक मुश्किल दिखाई दे रही है।

शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 20, 21 और 22 जून तक कई जिलों में गरज-चमक, बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। विभाग ने 20 और 21 जून के लिए लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर शेष 10 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं तथा बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। 22 जून को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 23 से 26 जून तक प्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत शांत रहेगा और केवल कुछ स्थानों पर ही हल्की वर्षा की संभावना है। ऐसे में इस अवधि में मानसून के प्रवेश की संभावना कमजोर मानी जा रही है।

शनिवार सुबह जारी मौसम रिपोर्ट के अनुसार शिमला और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी हुई है, जबकि ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा और अन्य मैदानी इलाकों में मौसम मुख्यतः साफ बना हुआ है। पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक 19 मिलीमीटर वर्षा मनाली में दर्ज की गई। इसके अलावा कुफरी में 17.5 मिलीमीटर, सराहन में 7.5 मिलीमीटर, रामपुर में 2 मिलीमीटर, शिमला में 1.2 मिलीमीटर तथा सीपीआरआई शिमला में 1 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई। शिमला, सुंदरनगर और कुफरी में गरज-चमक की घटनाएं भी दर्ज की गईं। शिमला जिले के चिड़गांव क्षेत्र की ग्राम पंचायत पेखा के शिष्टवाड़ी अंभोट के समीप चरागाह में बीती शाम आसमानी बिजली गिरने से चार गायों और एक बैल की मौत हो गई।

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा