हिमाचल में मानसून की विदाई की तैयारी, आखिरी हफ्ते में लौटेगा, साच पास पर छह इंच बर्फबारी

 




शिमला, 18 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और मौसम विभाग के अनुसार सितंबर के आखिरी सप्ताह में इसके विदा होने की संभावना है। आने वाले दिनों में मानसून कमजोर रहने का अनुमान है। शुक्रवार को राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ रहा और शिमला व आसपास के क्षेत्रों तथा मनाली में सुबह से धूप खिली रही। इस बीच चंबा जिला के ऊंचाई वाले पर्यटन स्थल साच पास पर देर रात करीब छह इंच ताजा हिमपात हुआ, जिससे मार्ग बंद हो गया है। लोगों और पर्यटकों से मार्ग बहाल होने तक साच पास की ओर सफर नहीं करने की अपील की गई है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बाद पहाड़ों पर ठंड बढ़ने लगी है और शुक्रवार को राज्य का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।

शिमला के सुन्नी भज्जी में 33.8 मिलीमीटर बारिश, कई जगह बरसे बादल

बीते 24 घंटों में राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश हुई। शिमला जिले के सुन्नी भज्जी में सबसे अधिक 33.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। एएमएफयू सेओबाग में 19, मनाली में 17, भुंतर में 14.4, कोठी में 11.6, पंडोह में 11 और रामपुर में 10.4 मिलीमीटर बारिश हुई। कांगड़ा और शिमला में कुछ स्थानों पर गरज के साथ बिजली चमकने की घटनाएं हुईं। ताबो में 46 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। मौसम विभाग के अनुसार आज अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। 19, 20, 21, 22, 23 और 24 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है। इस दौरान किसी भी दिन भारी बारिश की चेतावनी नहीं है।

भूस्खलन से 73 सड़कें बंद, मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की शुक्रवार सुबह की रिपोर्ट के अनुसार भूस्खलन के कारण राज्य में 73 सड़कें अवरुद्ध थीं। इसके अलावा 17 बिजली ट्रांसफार्मर और दो पेयजल योजनाएं भी ठप हैं। मंडी जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 46 सड़कें और 16 ट्रांसफार्मर बंद हैं। कांगड़ा में 10 और कुल्लू में नौ सड़कें अवरुद्ध हैं। प्रभावित सड़कों और अन्य सेवाओं को बहाल करने का काम संबंधित विभागों की ओर से जारी है।

11 फीसदी कम बारिश, मानसून में 3,212 करोड़ का नुकसान

हिमाचल में मानसून ने 30 जून को दस्तक दी थी और अब तक राज्य में बारिश सामान्य से 11 प्रतिशत कम हुई है। कम बारिश के बावजूद मानसून के दौरान राज्य में चल और अचल संपत्ति को करीब 3,212 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें लोक निर्माण विभाग को सड़कों और पुलों को नुकसान पहुंचने से 2,744 करोड़ रुपये का नुकसान शामिल है। मानसून के दौरान अब तक 319 लोगों की मौत हुई है, 544 लोग घायल हुए हैं और चार लोग लापता हैं। मृतकों में 191 की मौत सड़क हादसों और 128 की मौत भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, डूबने, बहने, फिसलने तथा अन्य बारिश जनित हादसों में हुई। इस दौरान 134 मकान, 17 दुकानें और 482 पशुशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं, जबकि 512 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा