हिमाचल में मानसून धीमा, 13-14 को फिर बढ़ेगी सक्रियता

 




शिमला, 08 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। राजधानी शिमला में मंगलवार सुबह बादलों के बीच हल्की धूप खिली रही, जबकि प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में कहीं धूप तो कहीं बादल छाए रहे। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आगामी 12 सितंबर तक मानसून के धीमे रहने के आसार हैं। इस दौरान प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, 13 और 14 सितंबर को मानसून के फिर सक्रिय होने तथा बारिश में तेजी आने की संभावना है। हालांकि, विभाग ने अगले एक सप्ताह के दौरान प्रदेश के किसी भी हिस्से में भारी बारिश को लेकर कोई चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं किया है।

बीते 24 घंटे में सिरमौर-मंडी में ज्यादा बारिश

इस बीच, प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान कई स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार सिरमौर के जट्टों बैराज में सबसे अधिक 56.2 मिलीमीटर बारिश हुई। सिरमौर के ही पच्छाद में 48.2 मिलीमीटर, मंडी के मुरारी देवी में 46 मिलीमीटर और सिरमौर के धौलाकुआं में 33.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। शिमला जिले के कोटखाई में 19.3 मिलीमीटर, शिमला में 3.8 मिलीमीटर, किन्नौर के कल्पा में 2.8 मिलीमीटर, कांगड़ा में 2.6 मिलीमीटर, सराहन में 2.3 मिलीमीटर और कुल्लू के मनाली में 2 मिलीमीटर बारिश हुई। इस दौरान कांगड़ा, सुंदरनगर और मुरारी देवी में गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान भी दर्ज किया गया।

भूस्खलन से 67 सड़कें अभी भी बंद

हालांकि, पिछले दिनों हुई बारिश और भूस्खलन का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक मंगलवार सुबह तक प्रदेश में भूस्खलन के कारण 67 सड़कें अवरुद्ध थीं। इनमें मंडी में 33, कुल्लू में 11, कांगड़ा में 10 और सिरमौर में छह सड़कें शामिल हैं। शिमला जिले के रामपुर में दो बिजली ट्रांसफार्मर और दो पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं।

मानसून में 283 लोगों की मौत

सरकारी आंकड़ों के अनुसार मौजूदा मानसून सीजन में बारिश और इससे जुड़ी प्राकृतिक आपदाओं में अब तक 283 लोगों की मौत हुई है, जबकि 505 लोग घायल हुए हैं। तीन लोग अभी भी लापता हैं। मृतकों में 169 की जान सड़क हादसों में गई, जबकि 114 लोगों की मौत भूस्खलन, अचानक आई बाढ़, पानी में बहने, फिसलने, पहाड़ी से गिरने और बारिश से जुड़ी अन्य घटनाओं में हुई है।

मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं में 467 मवेशियों की भी मौत हुई है। प्रदेश में 123 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 495 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 17 दुकानें और 462 पशुशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।

सरकारी आकलन के मुताबिक मानसून के दौरान प्रदेश को अब तक करीब 1,423 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। इसमें अकेले लोक निर्माण विभाग को हुआ करीब 1,131 करोड़ रुपये का नुकसान शामिल है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा