हिमाचल में 18 सितम्बर से कमजोर पड़ेगा मानसून, भूस्खलन से 61 सड़कें बंद
शिमला, 15 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून अभी सक्रिय बना हुआ है और कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटों में धर्मशाला में सर्वाधिक 60 मिलीमीटर, कोठी में 36.2, सुंदरनगर में 28.5 और बिलासपुर के ओलिंडा में 23.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार 17 सितम्बर तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं, जबकि 18 सितम्बर से मानसून की रफ्तार धीमी पड़ जाएगी और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। 21 सितम्बर तक प्रदेश में भारी बारिश का कोई अलर्ट या चेतावनी जारी नहीं की गई है। इस मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश हुई है।
17 तक बारिश, फिर कमजोर होगा मानसून
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 15, 16 और 17 सितम्बर को प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। 18 से 21 सितम्बर तक बारिश कुछ स्थानों तक सीमित रहने के आसार हैं। विभाग ने इन सभी सात दिनों के लिए भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी है। प्रदेश में इस बार मानसून ने 30 जून को दस्तक दी थी और आम तौर पर सितम्बर के अंत में इसकी विदाई होती है।
भूस्खलन से 61 सड़कें बंद, मंडी के कई स्थानों में ब्लैकआउट
लगातार बारिश के बीच भूस्खलन से प्रदेश में 61 सड़कें बंद हैं। इनमें मंडी जिले में सबसे ज्यादा 28, कुल्लू में 12 और कांगड़ा में 10 सड़कें अवरुद्ध हैं। मंडी जिले के धर्मपुर, गोहर, सुंदरनगर और जोगिन्दरनगर उपमंडलों में 171 ट्रांसफार्मर बंद होने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। चम्बा जिले के सलूणी में भी 17 ट्रांसफार्मर खराब हैं। शिमला जिले के ठियोग में पांच पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
धर्मशाला में सबसे ज्यादा 60 मिलीमीटर बारिश
राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान कई जगह बारिश हुई। कांगड़ा जिले के धर्मशाला में 60 मिलीमीटर, कुल्लू के कोठी में 36.2 मिलीमीटर, मंडी के सुंदरनगर में 28.5 मिलीमीटर और बिलासपुर के ओलिंडा में 23.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कांगड़ा, सुंदरनगर, मुरारी देवी, जोत और पालमपुर में गरज के साथ बिजली चमकने की घटनाएं भी दर्ज हुईं।
बारिश से 3,211 करोड़ रुपये का नुकसान
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 30 जून से अब तक मानसूनी बारिश के कारण प्रदेश में चल और अचल संपत्ति को करीब 3,211 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। इसमें अकेले जल शक्ति विभाग को 2,711 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मानसून के दौरान बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 303 लोगों की मौत हुई है, जबकि 525 लोग घायल हुए हैं और चार लोग लापता हैं। इनमें 180 मौतें सड़क हादसों में हुईं, जबकि 123 लोगों की जान भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, बहने, फिसलने, गिरने और अन्य बारिश जनित हादसों में गई।
129 घर और 470 पशुशालाएं पूरी तरह ध्वस्त
मानसून के दौरान प्रदेश में अब तक 129 घर, 17 दुकानें और 470 पशुशालाएं पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। इसके अलावा 502 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा