हिमाचल में 22 सितंबर तक मानसून की सक्रियता, महीने के अंत में होगी विदाई

 


शिमला, 16 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 22 सितंबर तक मानसून की सक्रियता बनी रह सकती है, हालांकि इस दौरान भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है। 17 और 18 सितंबर को मानसून कुछ अधिक सक्रिय रहेगा और कई स्थानों पर बारिश तथा गरज-चमक हो सकती है। इसके बाद 19 से 22 सितंबर तक मानसून की गतिविधियां धीमी रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक इस महीने के अंतिम सप्ताह में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रदेश से वापस होने की संभावना है। बुधवार सुबह से शिमला सहित राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहा। पिछले 24 घंटों में भी बारिश सीमित रही। धर्मशाला में 31.1 मिलीमीटर, मुरारीदेवी में 26 मिलीमीटर, गोहर में 12 मिलीमीटर, निचार में 12 मिलीमीटर और कसौली में 10 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सुंदरनगर, एएमएस कांगड़ा, मुरारीदेवी, जोट और मौसम कार्यालय शिमला में गरज-चमक दर्ज की गई।

जून से अब तक सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश, सितम्बर में दूसरे हफ्ते में कमी और बढ़ी

जून से अब तक पूरे मानसून सीजन में हिमाचल में सामान्य से करीब 11 फीसदी कम बारिश हुई है। सितंबर के शुरुआती दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बादल जमकर बरसे, लेकिन इसके बाद मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई। 8 से 15 सितंबर के बीच प्रदेश में सामान्य से 31 फीसदी कम बारिश हुई। इस अवधि में केवल कांगड़ा, शिमला और ऊना ऐसे जिले रहे, जहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। शिमला में सामान्य से 37 फीसदी, कांगड़ा में 25 फीसदी और ऊना में 4 फीसदी अधिक बारिश हुई। इसके विपरीत लाहौल-स्पीति में बारिश सामान्य से 100 फीसदी कम रही। चंबा में सामान्य से 67 फीसदी, हमीरपुर में 59 फीसदी, बिलासपुर में 43 फीसदी, सिरमौर में 37 फीसदी, सोलन में 52 फीसदी, मंडी में 21 फीसदी, कुल्लू में 32 फीसदी और किन्नौर में 14 फीसदी कम बारिश हुई।

60 सड़कें बंद, मंडी में सबसे ज्यादा 28 मार्ग प्रभावित

बारिश और भूस्खलन का असर अभी भी प्रदेश के कई हिस्सों में बना हुआ है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बुधवार सुबह तक भूस्खलन के कारण प्रदेश में 60 सड़कें, 11 पेयजल योजनाएं और चार बिजली ट्रांसफार्मर ठप थे। इनमें मंडी में 28, कुल्लू में 13 और कांगड़ा में 10 सड़कें अवरुद्ध हैं।

मानसून से 3,212 करोड़ का नुकसान, 308 लोगों की मौत

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 30 जून से अब तक मानसूनी बारिश के कारण प्रदेश में चल और अचल संपत्ति को करीब 3,212 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। इसमें लोक निर्माण विभाग को सड़कों और पुलों के ध्वस्त होने से अकेले 2,744 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मानसून के दौरान बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 308 लोगों की मौत, 539 लोगों के घायल होने और चार लोगों के लापता होने की रिपोर्ट है। मृतकों में 184 की जान सड़क हादसों में गई, जबकि 124 मौतें भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, बहने, फिसलने, गिरने और अन्य बारिश जनित हादसों में हुईं। सबसे अधिक 45 मौतें शिमला जिले में हुई हैं। मानसून के दौरान अब तक 131 घर, 17 दुकानें और 478 पशुशालाएं पूरी तरह ध्वस्त हुई हैं, जबकि 502 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा