हिमाचल में भूस्खलन से दो नेशनल हाइवे और 204 सड़कें बंद, शिमला-धर्मशाला नेशनल हाइवे पर चलती कार पर चट्टान गिरी, एक की मौत

 


शिमला, 11 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मॉनसूनी बारिश के बीच मंगलवार को एक बड़ा हादसा सामने आया। शिमला-धर्मशाला नेशनल हाइवे पर दाड़लाघाट थाना क्षेत्र के भराड़ीघाट के दसेरन में चलती कार पर पहाड़ी से चट्टान गिर गई। हादसे में कार सवार शिमला निवासी कारोबारी अनिल बख्शी की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हुए हैं। इस जगह फोरलेन का निर्माण कार्य भी चल रहा है।

बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार भूस्खलन और बारिश से प्रदेश भर में मंगलवार शाम तक दो नेशनल हाइवे और 204 सड़कें बंद हैं। मंडी जिले में एनएच-154 और एनएच-21 समेत 80 सड़कें बंद हैं। कुल्लू में 56, सिरमौर में 23, चम्बा में 16 और शिमला में 14 सड़कें अवरुद्ध हैं। सड़कों पर मलबा और चट्टानें आने से कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ है और लोक निर्माण विभाग की टीमें बहाली के काम में लगी हैं।

बिजली और पेयजल व्यवस्था पर भी बारिश का असर पड़ा है। सिरमौर के नाहन में 41 बिजली ट्रांसफार्मर बंद हैं। इनके ठप होने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। शिमला जिले की 24 और सिरमौर की 31 पेयजल योजनाएं भी बंद हैं। कुल मिलाकर प्रदेश में 45 ट्रांसफार्मर और 82 पेयजल योजनाएं प्रभावित बताई गई हैं।

कुल्लू की पार्वती घाटी में भी भूस्खलन के कारण मणिकर्ण-बरशैणी सड़क मार्ग बंद हो गया है। घटीगढ़ के पास पहाड़ी से बार-बार मलबा गिर रहा है। इससे सड़क पर आवाजाही प्रभावित हुई है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में ऐसे स्थानों पर खतरा बना हुआ है।

इस बीच मानसून सीजन में प्रदेश में बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं से होने वाला नुकसान बढ़ता जा रहा है। राज्य में 30 जून से अब तक मानसून के दौरान कुल 163 लोगों की मौत हुई है। इनमें सड़क हादसों में 93 लोगों की जान गई है। भूस्खलन से 14, फ्लैश फ्लड से एक, बहने से चार और करंट लगने से छह लोगों की मौत हुई है। पहाड़ी से फिसलने और पेड़ से गिरने की घटनाओं में 23 लोगों की जान गई है।

मानसून के दौरान अब तक 67 कच्चे-पक्के मकान पूरी तरह ढह चुके हैं, जबकि 268 मकानों को आंशिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा 14 दुकानें और 226 पशुशालाएं भी क्षतिग्रस्त होकर गिर गई हैं।

बारिश और आपदा से सरकारी और निजी संपत्ति को भी बड़ा नुकसान हुआ है। 30 जून से अब तक प्रदेश में करीब 910 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति को नुकसान पहुंचने का आकलन है। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है। विभाग को करीब 686 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जल शक्ति विभाग को करीब 203 करोड़ रुपये का नुकसान बताया गया है।

प्रदेश में मंगलवार को भी कई हिस्सों में बारिश जारी रही। शिमला में जोरदार बारिश हुई, जबकि अन्य जिलों में भी मौसम खराब बना रहा। लगातार बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ रहा है और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। 12 अगस्त को चम्बा, कांगड़ा और मंडी में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। 13 अगस्त को बिलासपुर, चम्बा, सोलन और सिरमौर में येलो अलर्ट रहेगा। 14 अगस्त को सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दिन बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सोलन में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। 15 अगस्त को कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर और लाहौल-स्पीति में येलो अलर्ट रहेगा। 16 और 17 अगस्त को भी कुछ जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा