भूस्खलन से हिमाचल में 101 सड़कें बंद, 19 सितंबर तक बारिश के आसार, अलर्ट नहीं
शिमला, 13 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ने के बीच पिछले 24 घंटों में कई हिस्सों में बारिश हुई, जिससे भूस्खलन के कारण 101 सड़कें अवरुद्ध हो गईं। राज्य में 84 बिजली ट्रांसफार्मर और 24 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं।
मौसम विभाग ने 13 से 19 सितंबर तक के पूर्वानुमान में किसी भी दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। आज प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में मौसम साफ है और धूप खिली है, जबकि शिमला में बादल छाए हुए हैं। अगले दो दिन राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की बारिश, 15 से 17 सितंबर के बीच कई जगह हल्की से मध्यम बारिश और 18-19 सितंबर को फिर कुछ जगह मौसम साफ तो कुछ स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश हुई है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बारिश और भूस्खलन के कारण रविवार सुबह तक सबसे ज्यादा 33 सड़कें मंडी जिले में बंद हैं। कुल्लू में 19 और कांगड़ा में 10 सड़कें अवरुद्ध हैं। शिमला जिले में 31 सड़कें बंद हैं। इनमें अकेले जुब्बल उपमंडल की 28, रामपुर की दो और सुन्नी की एक सड़क शामिल है। बारिश के कारण मंडी जिला के गोहर में 40, कुल्लू जिला के आनी में 32, चंबा जिला के डलहौजी में सात, शिमला जिला के ठियोग में तीन और रामपुर में दो बिजली ट्रांसफार्मर बंद हैं। ठियोग उपमंडल में 24 पेयजल योजनाएं भी ठप हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों में धर्मशाला में 20.1 मिलीमीटर, ऊना में 15.1, कल्पा में 7.4, कसौली में 7, सराहन में 5.1, शिमला के मौसम कार्यालय में 4.6 और एएमएस शिमला में 4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कुफरी में गरज के साथ बिजली चमकी। हमीरपुर के नेरी में 24 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। प्रदेश में कहीं भी ओलावृष्टि या कोहरा दर्ज नहीं किया गया और बर्फबारी भी नहीं हुई।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून की द्रोणिका इस समय जैसलमेर, कोटा, इंदौर, उत्तर विदर्भ और उससे सटे मध्य प्रदेश में बने कम दबाव वाले क्षेत्र, पुरी और फिर बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य हिस्से से गुजर रही है। जम्मू संभाग और आसपास के क्षेत्र में 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक इस मानसून सीजन में 30 जून से अब तक राज्य को बारिश से जुड़ी घटनाओं में करीब 1,683 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। इसमें लोक निर्माण विभाग को सबसे ज्यादा 1,231 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 298 लोगों की मौत हुई है और 521 लोग घायल हुए हैं, जबकि चार लोग लापता हैं।
इस दौरान 129 घर, 17 दुकानें और 470 पशुशालाएं पूरी तरह ढह गईं, जबकि 502 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। मृतकों में 178 की जान सड़क हादसों में और 120 की मौत फ्लैश फ्लड, भूस्खलन, फिसलने, बहने तथा अन्य कारणों से हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा