(अपडेट) हिमाचल में अगले दो दिन आंधी-ओलावृष्टि और भारी बारिश की चेतावनी, अलर्ट जारी

 


शिमला, 06 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में अगले दो दिन मौसम के तेवर कड़े रहने वाले हैं। मौसम विभाग ने 7 और 8 अप्रैल के लिए कई जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि, बिजली कड़कने और तेज़ आंधी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार 7 अप्रैल को शिमला, सोलन, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और चम्बा जिलों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। वहीं सिरमौर, बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अगले दिन यानी 8 अप्रैल को मौसम और ज्यादा खराब रहने का अनुमान है। इस दिन सिरमौर, शिमला, सोलन, मंडी, कुल्लू और कांगड़ा जिलों में भारी वर्षा, ओलावृष्टि व आसमानी बिजली कड़कने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना और चम्बा जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। 9 अप्रैल को भी मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में येलो अलर्ट जारी रहेगा।

प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि से पहले ही किसानों और बागवानों को नुकसान झेलना पड़ा है। अप्पर शिमला, कुल्लू और मंडी के कई क्षेत्रों में तेज़ ओलावृष्टि से सेब के पौधों, सब्जियों और गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर सेब के पौधों की सुरक्षा के लिए लगाई गई जालियां भी टूट गई हैं। ऐसे में अगले दो दिन फिर से ओलावृष्टि की चेतावनी ने किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। उन्हें आशंका है कि यदि फिर से ओले गिरे तो सेब की नई फसल और सब्जियों को बड़ा नुकसान हो सकता है।

मौसम विभाग का कहना है कि एक ताजा वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने से प्रदेश के मौसम में यह बदलाव देखने को मिलेगा। इसके प्रभाव से प्रदेश के मध्य और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में वर्षा और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने से ठंड का असर अभी बना रहेगा।

लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चम्बा के पांगी-भरमौर जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पहले भी बर्फबारी दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में हिमखंड गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। हालांकि हाल ही में एक हिमखंड गिरने की घटना सामने आई थी, लेकिन उसमें किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ।

प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंड का असर फिर बढ़ गया है। कई स्थानों पर तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है। शिमला में न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस, मनाली में 5.1 डिग्री और कल्पा में 1.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। तापमान में आई इस गिरावट से लोगों को फिर से ठंड का एहसास हो रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार 10 अप्रैल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर कम होना शुरू हो जाएगा और मौसम के तेवर नरम पड़ने की संभावना है। 10 से 12 अप्रैल तक मैदानी और निचले क्षेत्रों में मौसम साफ रहने का अनुमान है, जबकि मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी। इस अवधि के लिए फिलहाल किसी तरह का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा