हिमाचल में मॉनसून की पहली भारी बारिश, शिमला में भूस्खलन से 27 सड़कें बंद

 


शिमला, 10 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में 30 जून को मॉनसून पहुंचने के बाद पहली बार व्यापक स्तर पर भारी बारिश दर्ज की गई है। बीती रात से प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार तेज वर्षा हुई। इसका सबसे अधिक असर शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में देखने को मिला।

मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में सिरमौर जिले के पच्छाद में 207 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जो इस मॉनसून सीजन की अब तक की सबसे अधिक वर्षा है। इसके अलावा नाहन में 158 मिलीमीटर, सोलन जिले के कसौली में 145 मिलीमीटर, धर्मपुर में 136 मिलीमीटर, सोलन में 113 मिलीमीटर और कांगड़ा जिले के पालमपुर में 109 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। चंबा जिले के जोत में 83 मिलीमीटर, शिमला जिले के जुब्बड़हट्टी में 72 मिलीमीटर, कुफरी और ऊना जिले के भरवाईं में 62-62 मिलीमीटर, बिलासपुर जिले के घाघस में 62 मिलीमीटर, शिमला के शिलारू में 60 मिलीमीटर और बिलासपुर के काहू में 56 मिलीमीटर बारिश हुई।

बारिश के कारण भूस्खलन से शिमला जिला में 27 सड़कें बंद हो गईं। 67 बिजली ट्रांसफार्मर ठप होने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही और 53 पेयजल योजनाएं भी बंद हो गईं।

शिमला जिले में सबसे अधिक असर ठियोग और रामपुर उपमंडलों में दर्ज किया गया। ठियोग और रामपुर में छह-छह, जुब्बल और चौपाल में पांच-पांच, सुन्नी में तीन तथा कोटखाई और कुमारसेन में एक-एक सड़क बंद है। बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। रामपुर में 49, चौपाल में 10 और ठियोग में आठ ट्रांसफार्मर बंद हैं। पेयजल आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। ठियोग में 29, रामपुर में 15, चौपाल में पांच और कुमारसेन में चार पेयजल योजनाएं बंद हैं।

लगातार बारिश को देखते हुए सिरमौर और सोलन जिलों में शुक्रवार को सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज तथा अन्य शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया। सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा और सिरमौर की उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने खराब मौसम और सुरक्षा को देखते हुए यह आदेश जारी किए। सिरमौर जिले में करीब 24 घंटे से लगातार तेज बारिश हो रही है। जिला प्रशासन के अनुसार चार दर्जन से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे कई इलाकों का संपर्क प्रभावित हुआ है। गिरि नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद गिरि जटोंन बांध के सभी 10 गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। इसके बाद निचले क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने नदी-नालों से दूर रहने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है। कई स्थानों पर भूस्खलन की आशंका भी बनी हुई है।

मंडी में भी लगातार बारिश का असर देखने को मिला। मंडी-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर हनोगी बाजार से पहले पहाड़ी से बड़ी चट्टान और मलबा गिरने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। पुलिस की निगरानी में छोटे वाहनों को सावधानी के साथ निकाला जा रहा है। राजधानी शिमला के विकासनगर क्षेत्र में एक भवन के सामने की दीवार गिरने से सड़क किनारे खड़ी दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

मौसम विभाग ने 15 जुलाई तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 16 जुलाई को भी मौसम खराब रहने का अनुमान है, हालांकि उस दिन कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। लगातार वर्षा और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए लोगों से नदी-नालों से दूर रहने, अनावश्यक यात्रा नहीं करने और सफर से पहले सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी लेने की अपील की गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा