हिमाचल प्रदेश में होगी बहुत भारी बारिश, 19 से 22 जुलाई तक ओरेंज अलर्ट
शिमला, 16 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़ा मानसून अब फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 18 जुलाई से 22 जुलाई तक प्रदेश में मानसून के सक्रिय रहने और कई हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। 19 से 22 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, नदी-नालों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को भी संभावित परिस्थितियों के मद्देनजर पूरी तैयारी रखने और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए रखने को कहा गया है।
प्रदेश में मानसून ने 30 जून को दस्तक दी थी। इसके बाद से अब तक सामान्य से करीब 20 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। हाल के दिनों में किन्नौर में बादल फटने, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पिछले कुछ वर्षों में भी मानसून के दौरान बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में आगामी दिनों के पूर्वानुमान को देखते हुए मौसम विभाग अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से मानसून कमजोर पड़ा हुआ था, मगर 18 जुलाई से इसकी सक्रियता फिर बढ़ने की संभावना है। उनके अनुसार 18 से 22 जुलाई के बीच प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। 18 जुलाई को कुछ हिस्सों में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। 19 से 22 जुलाई तक कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के सात दिन के पूर्वानुमान के अनुसार आज कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है और किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है। 17 जुलाई को भी मौसम सामान्य रहने का अनुमान है तथा कोई अलर्ट नहीं है। 18 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 19 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका के कारण ओरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा। 20 और 21 जुलाई को भी कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है और इन दोनों दिन भी ओरेंज अलर्ट रहेगा। 22 जुलाई को भी बारिश का दौर जारी रहने और अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना के चलते ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में मानसून लगभग निष्क्रिय बना रहा। इस अवधि में केवल शिमला जिले के सराहन में 7.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि अधिकांश स्थानों पर बारिश नहीं हुई। गुरुवार सुबह भी राज्य के कई हिस्सों में मौसम साफ रहा और शिमला में धूप खिली रही। पिछले दो-तीन दिनों से बारिश कम होने के कारण अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किए गए, जिससे लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। बुधवार को ऊना में अधिकतम तापमान सबसे अधिक 37 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।
गुरुवार को उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार न्यूनतम तापमान में देहरा गोपीपुर 27.0 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ऊपर रहा। इसके बाद पांवटा साहिब 26.0, नेरी 24.9, बिलासपुर 24.0, हमीरपुर 23.7, बैरठिन 23.6, मंडी 23.5, ऊना और कांगड़ा 23.0, नाहन 22.9, सुंदरनगर 22.8, चंबा 21.6, सराहन 21.5, भुंतर 20.8, जुब्बड़हट्टी 20.6, सोलन 20.2, सेओबाग 20.0, धर्मशाला 19.8, सैंज 19.2, पालमपुर, कोटखाई और डलहौजी 19.0, शिमला 17.8, मशोबरा 17.4, मनाली 17.1, रिकांगपिओ 16.8, कुफरी 15.0, नारकंडा और भरमौर 14.0, कल्पा 13.4, तबो 11.3, केलांग 10.4 तथा कुकुमसेरी 9.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। l
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा