हिमाचल में बदला मौसम का मिजाज, कई जगह ओलावृष्टि-बारिश, 9 अक्टूबर तक येलो अलर्ट
शिमला, 07 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम ने करवट ली है। राज्य के कई हिस्सों में मंगलवार रात और बुधवार को बारिश, ओलावृष्टि, तेज हवाओं और गरज-चमक की स्थिति बनी। किन्नौर की चौरा और तरंडा पंचायतों में तेज आंधी के साथ हुई ओलावृष्टि से खेतों में तैयार सब्जियों और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है। राज्य के उच्च पर्वतीय इलाकों में हल्की बर्फबारी भी हुई, जिससे मौसम सर्द हो गया। जनजातीय क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे चला गया है।
बीते 24 घंटों में कांगड़ा के पालमपुर में सबसे अधिक 82.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आगामी 9 अक्टूबर तक अलग-अलग जिलों में आंधी, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और इनके झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। 10 से 13 अक्टूबर तक भी कुछ स्थानों पर मौसम में बदलाव जारी रहने का अनुमान है।
पालमपुर में 82.2 मिमी बारिश, सराहन में 28.7 मिमी
बीते 24 घंटों के दौरान कांगड़ा के पालमपुर में 82.2 मिमी बारिश हुई। शिमला जिले के सराहन में 28.7 मिमी, कुल्लू के कोठी में 19 मिमी, चंबा के भटियात में 18.3 मिमी, चंबा के जट में 17.8 मिमी और कांगड़ा के गुलेर में 16.7 मिमी बारिश दर्ज की गई।
इस दौरान सुंदरनगर, भुंतर, शिमला, जुब्बड़हट्टी, कांगड़ा, जट और मुरारी देवी में गरज-चमक और आकाशीय बिजली की स्थिति दर्ज की गई। पालमपुर और जोत में भी ओलावृष्टि हुई। पालमपुर में अधिकतम 56 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं दर्ज की गईं। ताबो में 35 और नेरी में 24 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।
राजधानी शिमला समेत राज्य के कई हिस्सों में बुधवार सुबह भी हल्की बारिश हो रही है। मौसम में बदलाव के कारण राज्य के औसत न्यूनतम तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
किन्नौर में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
किन्नौर जिले के प्रवेश द्वार क्षेत्र की चौरा और तरंडा पंचायतों में मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे अचानक तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि हुई। कुछ ही देर में खेत और आसपास के रास्ते ओलों से ढक गए। ओलावृष्टि से खेतों में तैयार सब्जियों और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है।
किसानों के अनुसार ओलों की मार से तैयार फसलें जमीन पर गिर गईं और कई जगह फसल पूरी तरह खराब हो गई। ओलावृष्टि से पेड़-पौधों की पत्तियां भी बड़ी संख्या में झड़ गईं। ग्रामीणों ने बताया कि सर्दियों के लिए पशुओं के चारे के रूप में पेड़ों की पत्तियां काटकर रखी जाती हैं। इस नुकसान के बाद पशु चारे की व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
प्रभावित किसानों और ग्रामीणों ने प्रशासन तथा प्रदेश सरकार से क्षेत्र में हुए नुकसान का जल्द आकलन करवाने और प्रभावित परिवारों को उचित सहायता देने की मांग की है।
7 से 9 अक्टूबर तक अलग-अलग जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार आज ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सिरमौर और शिमला जिलों में आंधी, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और बारिश को लेकर येलो अलर्ट है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और इनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। ऐसी स्थिति अलग-अलग स्थानों पर रहने की संभावना है।
कल 8 अक्टूबर को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ गरज-चमक, आकाशीय बिजली और बारिश होने का अनुमान है।
9 अक्टूबर को बिलासपुर, सोलन, शिमला और सिरमौर जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ बारिश और गरज-चमक हो सकती है। मौसम विभाग ने कुछ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की संभावना भी जताई है।
13 अक्टूबर तक मौसम में बदलाव के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 10, 11, 12 और 13 अक्टूबर को राज्य में अलग-अलग स्थानों पर मौसम में बदलाव की संभावना है। इन चार दिनों के लिए फिलहाल कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। इस अवधि में मौसम का पूर्वानुमान कुछ स्थानों पर अलग-अलग गतिविधियों का संकेत देता है।
अक्टूबर में होने वाली बारिश से कृषि और पर्यटन गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। राज्य के अधिकतर सेब उत्पादक क्षेत्रों में सेब सीजन अंतिम चरण में है, जबकि किन्नौर में सेब सीजन शुरू होने वाला है। निचले क्षेत्रों में मक्की की कटाई भी चल रही है। ऐसे में बारिश और तेज हवाओं से किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ सकती है। शिमला, मनाली और डलहौजी जैसे पर्यटन स्थलों में खराब मौसम के कारण पर्यटकों को भी परेशानी हो सकती है।
कुकुमसेरी में 2.9 डिग्री, शिमला में 14.5 डिग्री तापमान
मौसम में बदलाव के बीच राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। केलांग में न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री, ताबो में 4.9 और कल्पा में 8 डिग्री सेल्सियस रहा।
मनाली में न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस और शिमला में 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। आंधी, आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने तथा खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होने की सलाह दी गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा