हिमाचल में 15 जुलाई तक भारी बारिश का येलो अलर्ट, लारजी बांध से अतिरिक्त पानी छोड़ने की चेतावनी
शिमला, 09 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में बारिश का दौर लगातार जारी है। गुरुवार सुबह से ही शिमला सहित कई इलाकों में बादल बरस रहे हैं। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम पहले के मुकाबले ठंडा हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने प्रदेश में 15 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार 9 जुलाई से 15 जुलाई तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक 45.2 मिलीमीटर बारिश चंबा जिले के जोत में हुई। इसके बाद बिलासपुर जिले के मलरांव में 41.0 मिलीमीटर, शिमला जिले के सराहन में 38.7 मिलीमीटर, सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में 34.4 मिलीमीटर, कांगड़ा जिले के गुलेर में 24.4 मिलीमीटर, सिरमौर के जट्टन बैराज में 23.2 मिलीमीटर, धौलाकुआं में 20.5 मिलीमीटर, शिमला जिले के रोहड़ू में 20.0 मिलीमीटर और किन्नौर जिले के सांगला में 19.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा मनाली में 14.0 मिलीमीटर, कुकुमसेरी में 12.9 मिलीमीटर, रिकांगपिओ में 11.0 मिलीमीटर, सुंदरनगर में 10.9 मिलीमीटर और बिलासपुर में 10.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग के अनुसार बीती रात शिमला, कांगड़ा और जोत क्षेत्र में गरज के साथ बिजली चमकने की घटनाएं भी दर्ज की गईं। प्रदेश में कहीं भी बर्फबारी, ओलावृष्टि, घना कोहरा, लू या तेज हवाओं की स्थिति दर्ज नहीं हुई। बारिश के चलते कई स्थानों पर दिन के तापमान में कमी आई है और पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों को हल्की ठंड का एहसास होने लगा है।
उधर, कुल्लू जिले में व्यास नदी पर स्थित 126 मेगावाट क्षमता वाले लारजी जलविद्युत परियोजना के प्रबंधन ने भी एहतियाती चेतावनी जारी की है। परियोजना प्रबंधन के अनुसार जलाशय का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और एक मशीन ट्रिप होने के कारण लारजी बांध से लगभग 100 क्यूमेक्स अतिरिक्त पानी व्यास नदी में छोड़ा जाएगा। यदि जलाशय में पानी की आवक और बढ़ती है तो बांध के रेडियल गेट खोलकर अधिक पानी भी छोड़ा जा सकता है। इससे व्यास नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
प्रशासन और परियोजना प्रबंधन ने आम लोगों, पर्यटकों, श्रमिकों, होटल, गेस्ट हाउस, होमस्टे संचालकों और टैक्सी चालकों से व्यास नदी के किनारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। चेतावनी के लिए हूटर और सायरन बजाए जाएंगे तथा आसपास के क्षेत्रों में लोगों को सतर्क करने के लिए उद्घोषणा वाहन भी तैनात किए जाएंगे।
राज्य के विभिन्न शहरों के न्यूनतम तापमान पर नजर डालें तो केलांग 10.9, कुकुमसेरी 10.6, ताबो 12.6, नारकंडा 13.0, कल्पा 13.8, कुफरी 14.5, रिकांगपिओ 16.0, शिमला 17.6, मशोबरा 17.8, कोटखाई 17.9, मनाली 17.9, सराहन 18.5, सैंज 18.7, पालमपुर 19.5, सेओबाग 19.5, जुब्बरहट्टी 20.0, सोलन 20.0, भुंतर 20.3, नाहन 20.8, चंबा 21.0, धर्मशाला 19.1, सुंदरनगर 23.2, कांगड़ा 23.4, बिलासपुर 23.5, मंडी 23.9, बैरठीन 24.5, नेरी 24.7, पांवटा साहिब 25.0, हमीरपुर 25.8 और देहरा गोपीपुर 26.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा