(राउंड अप) हिमाचल में लगातार 5 दिन भारी वर्षा की चेतावनी, 50 सड़कें बंद, ऊना में 38 डिग्री पहुंचा पारा

 


शिमला, 16 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मॉनसून कहर बरपा सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 18 जुलाई से बारिश की गतिविधियां तेज होने का पूर्वानुमान जारी किया है। सबसे अधिक चिंता 19 से 23 जुलाई के बीच की है। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताते हुए ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के किनारे नहीं जाने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने और बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार 18 जुलाई को मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। 19 जुलाई को चंबा, शिमला, मंडी और कांगड़ा जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसी दिन हमीरपुर, सिरमौर, सोलन, ऊना, बिलासपुर और कुल्लू में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है। 20 जुलाई को चंबा, कुल्लू, शिमला, मंडी और कांगड़ा में एक बार फिर भारी से बहुत भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट रहेगा, जबकि हमीरपुर, सिरमौर, सोलन, ऊना, बिलासपुर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 21 से 23 जुलाई तक राज्य के मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा, जबकि निचले और मैदानी इलाकों में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान भूस्खलन, अचानक बाढ़, चट्टानें गिरने, सड़कें बंद होने और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से मानसून कमजोर था, लेकिन 18 जुलाई से इसकी सक्रियता फिर बढ़ने की संभावना है। उनके अनुसार 18 से 23 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश का दौर तेज रहेगा।

उधर, बारिश कम होने के कारण वीरवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहा और राजधानी शिमला में दिनभर धूप खिली रही। पिछले दो-तीन दिनों से बारिश नहीं होने के कारण मैदानी क्षेत्रों में उमस काफी बढ़ गई है। इसका असर तापमान पर भी दिखा।

शुक्रवार को ऊना राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य के औसत अधिकतम तापमान में भी 2.3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मंडी में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री, सुंदरनगर में 34.7 डिग्री, कांगड़ा में 34.5 डिग्री, भुंतर में 34 डिग्री, शिमला में 25.8 डिग्री और मनाली में 28.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में प्रदेश में मानसून लगभग निष्क्रिय रहा। इस दौरान केवल शिमला जिले के सराहन में 7.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में बारिश नहीं हुई।

बारिश से पहले ही प्रदेश में भूस्खलन का असर सड़कों पर दिखाई दे रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार वीरवार शाम तक भूस्खलन के कारण प्रदेश में 50 सड़कें बंद थीं। इसके अलावा चार बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप रहे। सबसे अधिक 28 सड़कें कुल्लू जिले में बंद हैं। मंडी में 13, कांगड़ा में 4, शिमला और ऊना में 2-2 तथा सिरमौर में 1 सड़क बाधित है।

मौसम विभाग का कहना है कि आगामी दिनों में भारी बारिश का दौर शुरू होने के बाद भूस्खलन और सड़कें बंद होने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखें, प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें और विशेष रूप से ओरेंज अलर्ट वाले जिलों में अनावश्यक यात्रा से बचें।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा