हिमाचल में 11 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, भूस्खलन से मणिमहेश यात्री की मौत

 




शिमला, 05 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून कहर बरपा रहा है। राज्य के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान व्यापक बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक बारिश सिरमौर और ऊना जिलों में हुई। मौसम विभाग ने 11 अगस्त तक राज्य में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लगातार बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ी हैं और राज्य भर में लगभग 153 सड़कें बंद हो गई हैं। आज सुबह से शिमला सहित राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए हुए हैं, जबकि कई स्थानों पर रुक-रुक कर बारिश हो रही है।

मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में सिरमौर के जट्टन बैराज में 135.4 मिलीमीटर, ऊना के रायपुर मैदान में 124.2 मिलीमीटर, बिलासपुर के नैना देवी में 110.6 मिलीमीटर, कांगड़ा के देहरा गोपीपुर में 97.2 मिलीमीटर, हमीरपुर के नादौन में 90.0 मिलीमीटर, कांगड़ा में 76.2 मिलीमीटर, घमरूर में 72.6 मिलीमीटर, मंडी के मुरारी देवी में 66.6 मिलीमीटर और सिरमौर के नाहन में 64.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने आज और कल 6 अगस्त को राज्य के अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। 7 और 8 अगस्त को भी मौसम खराब रहने और पूरे प्रदेश में व्यापक वर्षा होने का अनुमान है। 9, 10 और 11 अगस्त को भी कई स्थानों पर भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। विभाग ने लोगों से नदी-नालों के पास जाने से बचने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में 153 सड़कें बंद हैं। इनमें मंडी में 51, सिरमौर में 39, कुल्लू में 36 और शिमला में 15 सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा 191 बिजली ट्रांसफार्मर और 58 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं। अकेले सिरमौर जिले के पांवटा साहिब उपमंडल में 143 बिजली ट्रांसफार्मर बंद हैं, जिन्हें बहाल करने का काम जारी है। हालात को देखते हुए पांवटा साहिब उपमंडल के सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों को आज और कल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।

उधर, चंबा जिले में मणिमहेश यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं की थार गाड़ी पर मेहला के पास तड़के करीब तीन बजे पहाड़ी से एक बड़ा पत्थर गिर गया। पत्थर सीधे वाहन के सनरूफ पर गिरने से गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और पंजाब के एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

किन्नौर जिले में भी लगातार बारिश के बीच बस्पा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। जेएसडब्ल्यू हाइड्रो एनर्जी लिमिटेड ने बताया कि बुधवार सुबह 8:45 बजे कुप्पा बैराज से अतिरिक्त 12 क्यूमेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद बैराज के डाउनस्ट्रीम में जलप्रवाह 13 क्यूमेक से बढ़कर लगभग 25 क्यूमेक होने का अनुमान है। कंपनी ने कहा है कि यदि नदी में पानी और बढ़ता है तो आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त पानी भी छोड़ा जा सकता है। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को इसकी सूचना दे दी गई है। नदी किनारे रहने वाले लोगों, पर्यटकों और आम नागरिकों से बस्पा नदी तथा उसके किनारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और अनावश्यक रूप से नदी के पास नहीं जाने की अपील की गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा