(राउंड अप) हिमाचल में 27 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट, कांगड़ा में बादल फटने से, कई मकान क्षतिग्रस्त
शिमला, 21 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में सक्रिय मानसून के बीच मंगलवार को कांगड़ा जिले में बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई। शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की बोह घाटी के स्पैड़ा और गढ़गून गांवों में अचानक आई बाढ़ और मलबे से आधा दर्जन से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए। कई मवेशियों के मलबे में दबने की आशंका है। राहत की बात यह रही कि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
इस बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में 27 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। हालांकि आगामी दिनों के लिए कहीं भी रेड अलर्ट नहीं है, जिससे पिछले दो दिनों जैसी मूसलाधार बारिश से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
कांगड़ा के बोह घाटी क्षेत्र में बादल फटने के बाद डिब्बा और मानेड नाला क्षेत्र में भारी भूस्खलन हुआ। सड़कों पर मलबा जमा होने से राहत दलों को प्रभावित गांवों तक पहुंचने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश के कारण कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। पहाड़ियों से लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं। कई स्थानों पर बिजली के खंभे और पेड़ उखड़ गए हैं, जिससे बिजली और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। प्रशासन प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और सरकारी स्कूलों तथा अन्य सुरक्षित भवनों में ठहराने में जुटा है।
शाहपुर के उपमंडलाधिकारी डॉ. गणेश ठाकुर ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया।
उन्होंने बताया कि डिब्बा और मानेड नाला के पास भारी भूस्खलन के कारण राहत दलों की आवाजाही प्रभावित हुई है, फिर भी एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें लगातार राहत कार्य कर रही हैं। उन्होंने लोगों से अगले 24 घंटे सतर्क रहने, नदी-नालों से दूर रहने और पहाड़ियों में दरार या भूस्खलन के संकेत मिलने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की।
प्रशासन का कहना है कि मौसम सामान्य होने के बाद नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा।
राजधानी शिमला में मंगलवार को सुबह और दोपहर तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। बाद दोपहर मौसम कुछ देर के लिए साफ हुआ और बारिश थम गई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 22 जुलाई को कांगड़ा और मंडी जिलों में भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। चम्बा, कुल्लू, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। 23 जुलाई को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला, 24 जुलाई को शिमला, सोलन और सिरमौर तथा 25 जुलाई को हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार 27 जुलाई तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। बुधवार शाम तक चम्बा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, सिरमौर, शिमला, सोलन, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा भी जताया गया है।
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 14 सेंटीमीटर बारिश पालमपुर में रिकॉर्ड हुई। रेणुका-ददाहू में 11 सेंटीमीटर, जटों बैराज में 10 सेंटीमीटर, राजगढ़, पांवटा साहिब और नाहन में 8-8 सेंटीमीटर, धर्मशाला, चुवाड़ी, कांगड़ा और पच्छाद में 7-7 सेंटीमीटर तथा संगड़ाह और धौलाकुआं में 6-6 सेंटीमीटर बारिश हुई। सुंदरनगर, पंडोह, मंडी, कुफरी, धर्मपुर, मुरारी देवी और अन्य कई स्थानों पर भी अच्छी बारिश दर्ज की गई।
लगातार बारिश से चम्बा जिले में जनजीवन प्रभावित है। भरमौर-चम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए पर दुर्गाठी के पास भूस्खलन से बंद हुआ मार्ग दिन में वाहनों के लिए खोल दिया गया, जबकि दिनका और खड़ामुख के पास यह राजमार्ग अब भी बंद है। चम्बा-तीसा मार्ग कई स्थानों पर अवरुद्ध है और जिले में दो दर्जन से अधिक सड़कें बंद हैं। लोक निर्माण विभाग मार्ग बहाल करने में जुटा है।
शिमला जिले में 11 सड़कें, 54 बिजली ट्रांसफार्मर और 10 पेयजल योजनाएं प्रभावित रहीं। किन्नौर जिले में शलखर और समदो के पास भूस्खलन से राष्ट्रीय राजमार्ग-5 बाधित हो गया।
खराब मौसम को देखते हुए मंगलवार को लगातार दूसरे दिन कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों के सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थान बंद रहे। शिमला के ठियोग, कुल्लू के आनी और निरमंड तथा चम्बा के चुराह और सलूणी उपमंडलों में भी शिक्षण संस्थानों में अवकाश रहा। प्रशासन ने लोगों से मौसम को देखते हुए केवल जरूरी होने पर ही यात्रा करने और नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा