हिमाचल प्रदेश में छह सितंबर से कमजोर पड़ेगा मानसून, अब तक मॉनसून की सामान्य से 9 फीसदी कम बारिश
शिमला, 04 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में 6 सितंबर से मानसून कमजोर पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 6 से 10 सितंबर तक प्रदेश में भारी बारिश को लेकर कोई चेतावनी नहीं है। हालांकि इस दौरान कई स्थानों पर बारिश का दौर जारी रह सकता है। 8 और 9 सितंबर को राज्य के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम साफ रहने का अनुमान है। इस बीच अगले 24 घंटे के दौरान कांगड़ा और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के मॉनसूनी बारिश के आंकड़ों के अनुसार अगस्त माह में हिमाचल प्रदेश में सामान्य से आठ फीसदी कम बारिश हुई। जून से अब तक पूरे मानसून सीजन में सामान्य से नौ फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। बिलासपुर, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, जबकि चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, मंडी, सोलन और ऊना में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश में मानसून आम तौर पर सितंबर के अंत तक सक्रिय रहता है।
इस बीच प्रदेश में शुक्रवार को भी मानसून सक्रिय रहा और कुछ स्थानों पर रुक-रुक कर बारिश होती रही। पिछले 24 घंटे के दौरान नाहन में 67 मिलीमीटर, जोगिन्दरनगर में 57, नादौन में 52 और जतौंन बैरेज में 40 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हुआ है। सड़क, बिजली और पेयजल सेवाओं पर भी इसका असर पड़ा है।
सिरमौर जिले में भारी बारिश के कारण नुकसान बढ़ गया है। बीते 36 घंटे में जल शक्ति विभाग को 67 लाख 90 हजार रुपये और लोक निर्माण विभाग को करीब दो करोड़ तीन लाख रुपये की क्षति हुई है। जिले में कई सड़कें प्रभावित हुई हैं। नाहन-रेणुका मुख्य सड़क शुक्रवार को तीसरे दिन भी यातायात के लिए बंद रही। नेहली-धीड़ा में भारी भूस्खलन के बाद सड़क पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। यहां यातायात को वैकल्पिक मार्ग से भेजा जा रहा है। सड़क बहाली का काम जारी है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार शुक्रवार दोपहर तक प्रदेश में भूस्खलन और अन्य कारणों से 102 सड़कें बंद थीं। इनमें मंडी जिले में सबसे अधिक 46 सड़कें प्रभावित हैं। कुल्लू में 22, सिरमौर में 11, कांगड़ा में आठ तथा शिमला और चंबा में तीन-तीन सड़कें बंद हैं। अन्य प्रभावित सड़कें प्रदेश के दूसरे हिस्सों में हैं।
बारिश से बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। प्रदेश में 125 बिजली ट्रांसफार्मर बंद थे। इनमें सिरमौर के पांवटा साहिब में 84, चंबा के भटियात में 13 और शिमला के चौपाल में 12 ट्रांसफार्मर शामिल हैं। प्रदेश में 21 पेयजल योजनाएं भी बंद थीं। इनमें हमीरपुर जिला में 16, सोलन के कसौली की तीन और शिमला के रामपुर की दो योजनाएं शामिल हैं।
इस मानसून सीजन में बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से अब तक 266 लोगों की मौत हो चुकी है और 479 लोग घायल हुए हैं। तीन लोग अभी भी लापता हैं। मृतकों में 158 की जान सड़क हादसों में गई है, जबकि 108 लोगों की मौत भूस्खलन, अचानक आई बाढ़, पानी में बहने, फिसलने, पहाड़ी से गिरने और बारिश से जुड़ी अन्य घटनाओं में हुई है।
प्राकृतिक आपदाओं में 465 मवेशियों की भी मौत हुई है। इस मानसून सीजन में 111 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 472 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 17 दुकानें और 438 पशुशालाएं भी ध्वस्त हुई हैं। सरकारी आकलन के अनुसार प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक करीब 1,235 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। इसमें लोक निर्माण विभाग को करीब 946 करोड़ रुपये का नुकसान शामिल है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा