मॉनसून सत्र : शून्यकाल में कॉलेज, आयुष प्लांट और पानी के बिलों के मुद्दे उठे

 


शिमला, 25 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को शून्यकाल के दौरान शिक्षा, आयुष और पेयजल से जुड़े तीन मामले उठाए गए। विधायकों ने इन मामलों को लेकर सरकार से जवाब मांगा।

डलहौजी के विधायक डीएस ठाकुर ने डलहौजी कॉलेज को डिनोटिफाई किए जाने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि कॉलेज बंद होने के कारण कई बच्चों ने पढ़ाई छोड़ दी। बाद में सरकार ने कॉलेज को दोबारा नोटिफाई किया, लेकिन तब तक कई विद्यार्थी कॉलेज छोड़ चुके थे।

इस पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार की घोषणा के अनुसार प्रदेश के जिन कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या 75 से कम थी, उन्हें डिनोटिफाई किया गया था। बाद में इनमें से नौ कॉलेजों को दोबारा नोटिफाई किया गया। उन्होंने कहा कि दोबारा नोटिफाई किए गए कॉलेजों में स्टाफ की कमी दूर की जाएगी। इसके लिए 390 पद राज्य चयन आयोग को भेजे गए हैं और जल्द ही इन पदों को भरा जाएगा।

शिक्षा मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र जुब्बल-कोटखाई के एक कॉलेज में केवल छह विद्यार्थी थे। इस कॉलेज को डिनोटिफाई किया गया था।

जोगिंद्रनगर में आयुष प्लांट का मुद्दा उठा

जोगिंद्रनगर के विधायक प्रकाश राणा ने आयुष मंत्रालय के नेशनल मेडिसिनल प्लांट को जोगिंद्रनगर से सोलन स्थानांतरित किए जाने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के एक हजार से अधिक बागवान लंबे समय से इसके विरोध में धरने पर बैठे हैं।

विधायक ने कहा कि जोगिंद्रनगर में वर्ष 2017 से आरसीएफसी काम कर रहा है। ऐसे में प्लांट को यहां से हटाने की जरूरत क्या है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के किसानों और बागवानों के रोजगार पर भी असर पड़ेगा।

इस पर आयुष मंत्री यादवेंद्र गोमा ने कहा कि यह योजना केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से इस योजना के लिए पिछले काफी समय से धनराशि उपलब्ध नहीं करवाई जा रही थी। ऐसी योजनाएं निर्धारित अवधि के लिए चलाई जाती हैं और अवधि पूरी होने के बाद उन्हें वापस ले लिया जाता है।

आयुष मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस योजना को बंद किया है। यह मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया है और उम्मीद है कि केंद्र जल्द ही इस मामले में सकारात्मक निर्णय लेगा।

बिना मीटर के 1000 से 1500 रुपये तक पानी के बिल भेजने का आरोप

आनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक लोकेंद्र कुमार ने नगर पंचायत निरमंड में पानी के बिलों का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत के सातों वार्डों में अभी तक पानी के मीटर नहीं लगाए गए हैं। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को जल शक्ति विभाग के अधिकारियों की ओर से 1000 से 1500 रुपये तक के पानी के बिल दिए जा रहे हैं।

विधायक ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की। इस पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मामले की जांच करवाई जाएगी और इसकी जानकारी विधानसभा अध्यक्ष को दी जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा