हिमाचल विधानसभा : शून्यकाल में पुलिस ऐप और करुणामूलक नौकरियों का मुद्दा उठा
शिमला, 24 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में सोमवार को शून्यकाल के दौरान पुलिस विभाग की अटेंडेंस ऐप से फील्ड स्टाफ को हो रही परेशानी और करुणामूलक आधार पर रोजगार देने की प्रक्रिया का मुद्दा उठा।
शून्यकाल में नालागढ़ से विधायक हरदीप सिंह बाबा ने पुलिस के एटेंडेंस ऐप से फील्ड स्टाफ को हो रही दिक्कतों का मामला उठाते हुए कहा कि पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को इसके कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सुबह नौ से शाम पांच बजे तक कार्यालय में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के लिए ऐप का इस्तेमाल करना संभव है, लेकिन फील्ड में तैनात पुलिस कर्मियों के लिए इससे काफी कठिनाई हो रही है।
उन्होंने कहा कि उनका विधानसभा क्षेत्र सीमावर्ती है और कई पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी क्रॉस बॉर्डर क्षेत्र में भी जाते हैं। उन्होंने कहा कि रोजनामचा महत्वपूर्ण दस्तावेज है और इसे अदालत में भी पेश किया जाता है। ऐसे में फील्ड स्टाफ के लिए ऐप के इस्तेमाल से जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस विषय में पुलिस विभाग को लिखा जाएगा और विभाग से प्राप्त जानकारी को सदस्य के साथ साझा किया जाएगा।
वहीं, नगरोटा बगवां के विधायक आरएस बाली ने शून्यकाल में रोजगार और करुणामूलक आधार पर नौकरियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि रोजगार की समस्या केवल हिमाचल प्रदेश की नहीं, पूरे देश की समस्या है। उन्होंने केंद्र सरकार के हर साल दो करोड़ रोजगार देने के वादे का उल्लेख करते हुए कहा कि उस हिसाब से अब तक 24 करोड़ नौकरियां होनी चाहिए थीं।
बाली ने कहा कि उन्होंने वंचित वर्गों को रोजगार देने का मुद्दा मुख्यमंत्री और मंत्रियों के समक्ष उठाया था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय करुणामूलक आधार पर नौकरियों के लिए प्रावधान के तहत बहुत कम लोग पात्र हो पाते थे। हजारों आवेदन आते थे, लेकिन कुछ सौ लोगों को ही नौकरी मिल पाती थी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ गंभीर चर्चा और मंथन के बाद प्रावधान में बदलाव किया गया तथा पात्रता के लिए परिवार की सालाना आय सीमा को ढाई लाख रुपये से बढ़ाकर तीन लाख रुपये किया गया। इससे पात्र लोगों की संख्या करीब 400 से बढ़कर 1,200 हो गई। उन्होंने कहा कि इनकी नियुक्ति की प्रक्रिया रिकॉर्ड समय में शुरू की गई।
बाली ने बताया कि शुरुआत में क्लास-3 और क्लास-4 पदों के लिए प्रक्रिया शुरू की गई। क्लास-3 में जेओए में करीब 150 लोगों को नौकरी मिली, लेकिन क्लास-4 के लिए प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि क्लास-4 में करुणामूलक नियुक्तियों की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए, ताकि अति वंचित वर्ग को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने करुणामूलक आधार पर डी-कैटेगरी यानी क्लास-4 की प्रक्रिया शुरू करने की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि करुणामूलक नौकरियों के लिये करीब एक माह पहले जारी अधिसूचना में 31 दिसंबर 2026 की समयसीमा रखी गई थी। इससे कई लोग पात्रता के दायरे में आए। उन्होंने कहा कि पहले अस्वीकृत किए गए कुछ आवेदकों को भी दोबारा मौका दिया गया, लेकिन ढाई से तीन लाख रुपये की आय सीमा में दी गई छूट से संबंधित तकनीकी अड़चनें भी सामने आई हैं।
इस पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार इस विषय पर मंथन कर रही है। उन्होंने कहा कि जैसे ही कोई निर्णय होगा, सदन को इसकी जानकारी दी जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा