हिमाचल विधानसभा मॉनसून सत्र: सुरक्षा में चूक पर सख्ती, 750 जवान तैनात रहेंगे, मोबाइल ले जाने पर रोक
शिमला, 07 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के 12वें मॉनसून सत्र से पहले विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सत्र के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। शुक्रवार को विधानसभा सचिवालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने कहा कि विधानसभा भवन की बाहरी और अंदरूनी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने आसन की ओर से जारी निर्देश संख्या-140 का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधायकों को सदन तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और उनकी सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए जाएं। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन या धरने की स्थिति में पुलिस ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी करेगी। विधानसभा परिसर में आधुनिक सुविधाओं से लैस एक एम्बुलेंस, दो डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ पूरे सत्र के दौरान तैनात रहेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई अधिकारी, आगंतुक या मीडिया कर्मी सदन के भीतर फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी नहीं कर सकेगा। नियमों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि दर्शक दीर्घा में उपलब्ध सीटों के अनुसार आगंतुकों को पास जारी किए जाएंगे। स्कूली बच्चों को भी विधानसभा की कार्यवाही देखने का अवसर दिया जाएगा। साथ ही विधानसभा भवन और परिसर में चल रहे मरम्मत कार्य समय पर पूरा करने तथा साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर रखने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि इस बार सभी प्रवेश पत्र ऑनलाइन जारी नहीं किए जाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि हिमाचल ई-विधान प्रणाली को छोड़कर राष्ट्रीय ई-विधान (नेवा) प्रणाली अपनाई गई है और उसका काम अभी प्रगति पर है। इसी कारण सभी प्रवेश पत्र हस्तलिखित जारी होंगे। यह भी तय किया गया कि विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिकारी दीर्घा पास, स्थापना पास और प्रेस संवाददाताओं के पास प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे। इससे सुरक्षा जांच के दौरान अनावश्यक परेशानी कम होगी।
सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी देते हुए पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी और शिमला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि विधानसभा सत्र के दौरान करीब 750 पुलिस जवान सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरे सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सतर्क रहेगी।
बैठक में पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी फैसला लिया गया। विधानसभा परिसर की मुख्य पार्किंग में केवल मंत्रियों, विधायकों, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिवों और प्रशासनिक सचिवों के वाहनों को ही पार्किंग की अनुमति होगी। प्रेस संवाददाताओं के वाहनों की पार्किंग विधानसभा चौक से गेट नंबर 2 तक निर्धारित स्थान पर रहेगी।
विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के वाहन गेट नंबर 2 से महालेखाकार कार्यालय के बीच मॉल रोड पर चिन्हित स्थानों पर खड़े किए जाएंगे। सचिवालय की ओर से जारी पार्किंग स्टिकर वाहन के आगे स्पष्ट रूप से लगाने होंगे। विधानसभा परिसर के भीतर मोबाइल फोन, पेजर और इसी तरह के उपकरण ले जाने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के सदस्यों से मिलने आने वाले आगंतुक और जनप्रतिनिधिमंडल विधानसभा स्थित प्रतीक्षालय में समय मिलने पर ही मुलाकात कर सकेंगे। इस व्यवस्था के लिए पुलिस और सीआईडी के अधिकारी आपसी समन्वय से काम करेंगे। बैठक के बाद विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बताया कि अब तक विधानसभा सचिवालय को सदस्यों की ओर से 406 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हो चुकी हैं और सत्र शुरू होने से पहले इनकी संख्या बढ़ भी सकती है।
विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त से 3 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान 10 बैठकें होंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा