रोहड़ू सीवरेज प्लांट का नहीं होगा स्थानांतरण, क्षमता बढ़ाने की तैयारी

 


शिमला, 25 अगस्त (हि.स.)। रोहड़ू नगर परिषद में मौजूदा सीवरेज प्लांट का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। इसकी क्षमता बढ़ाने के लिए प्राक्कलन तैयार किया जा रहा है। रोहड़ू के विधायक मोहन लाल ब्राक्टा के सवाल के लिखित जवाब में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने यह जानकारी दी।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में रोहड़ू नगर परिषद में 1.745 एमएलडी क्षमता का सीवरेज प्लांट काम कर रहा है। इसकी क्षमता बढ़ाने के लिए प्राक्कलन तैयार किया जा रहा है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इसे वित्त पोषण के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में सीवरेज प्लांट के स्थानांतरण का कोई विचार नहीं है।

उन्होंने बताया कि इस प्लांट से 1,400 घरों को सीवरेज कनेक्शन देने का प्रावधान था। इन सभी घरों को पूरी तरह जोड़ लिया गया है। एसटीपी अपनी प्रस्तावित क्षमता के अनुसार काम कर रहा है। प्लांट को अपग्रेड किए बिना इसमें अतिरिक्त कनेक्शन जोड़ना तकनीकी रूप से संभव नहीं है।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के तहत चिड़गांव नगर पंचायत में सीवरेज योजना बनाई जानी प्रस्तावित है। विभाग ने इस योजना के लिए 51.02 करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार कर इसे राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत स्वीकृति के लिए भेजा था।

उन्होंने बताया कि यह प्राक्कलन कुछ आपत्तियों के साथ वापस कर दिया गया। आपत्ति यह थी कि प्राक्कलन वर्ष 2018 में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत तैयार किया गया था। उस समय पब्बर नदी प्राथमिकता प्राप्त नदी खंड के रूप में सूची में थी।

उपमुख्यमंत्री के अनुसार केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वर्ष 2025 की आकलन रिपोर्ट में पब्बर नदी को प्राथमिकता प्राप्त नदी खंड की सूची से बाहर कर दिया गया है। अब चिड़गांव की सीवरेज योजना की डीपीआर को किसी अन्य मद के तहत वित्त पोषण के लिए प्रस्तावित किया जाएगा। इसके अनुसार डीपीआर में संशोधन कर उसे दोबारा प्रस्तुत किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा