हिमाचल विधानसभा में सवालों के जवाब नहीं मिलने पर विपक्ष ने सरकार को घेरा
शिमला, 02 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान सरकार से अधिकांश सवालों के जवाब नहीं मिलने पर विपक्षी भाजपा सदस्यों ने नाराजगी जताई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण जानकारियां देने से बच रही है। दो सवालों के जवाब में सरकार की ओर से कहा गया कि संबंधित सूचना एकत्रित की जा रही है और इसे बाद के सत्र में उपलब्ध कराया जाएगा।
भाजपा विधायक सुधीर शर्मा और विपिन परमार ने राज्य चयन आयोग से जुड़े सवाल पर सरकार से जानकारी मांगी थी। सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि इस सवाल से संबंधित सूचना एकत्रित की जा रही है। इस पर सुधीर शर्मा ने कहा कि यह सवाल पिछले तीन सत्रों से लगाया जा रहा है और हर बार जवाब में यही कहा जाता है कि सूचना एकत्रित की जा रही है।
भाजपा विधायक विपिन परमार ने भी इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि तीन सत्रों से एक ही जवाब दिया जा रहा है कि सूचना एकत्रित की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह इतना जटिल सवाल नहीं है कि इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा सके।
विपिन परमार ने कहा कि राज्य चयन आयोग के गठन के बाद मुख्यमंत्री खुद अलग-अलग श्रेणियों में पद सृजित किए जाने की बात कह चुके हैं। उन्होंने पूछा कि आयोग के गठन के बाद कितने पद सृजित किए गए, कितने लोगों को रोजगार मिला, कितने पदों को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी और इनमें से कितने पद चयन आयोग तक पहुंचे। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या कंप्यूटर आधारित भर्ती प्रक्रिया पूरे प्रदेश में पूरी कर ली गई है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जवाब देते हुए कहा कि राज्य चयन आयोग बनने से पहले कई धांधलियां हुई थीं। उन्होंने कहा कि इस मामले से जुड़ी सभी प्रकार की सूचनाएं एकत्रित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जानकारी इस साल दिसंबर में होने वाले अगले सत्र या अगले साल मार्च में होने वाले बजट सत्र में उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके बाद भाजपा विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने मुख्यमंत्री की ओर से पिछले तीन वर्षों में प्रदेश में किए गए शिलान्यास और उद्घाटनों से जुड़ा सवाल उठाया। इस सवाल के जवाब में भी सरकार की ओर से कहा गया कि सूचना एकत्रित की जा रही है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार जवाब देने से क्यों कतरा रही है। उन्होंने कहा कि सवाल में मुख्यमंत्री के पद संभालने के बाद से अब तक किए गए शिलान्यास और उद्घाटनों की संख्या पूछी गई है। उनके अनुसार यह ऐसी जानकारी है जो सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होती है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री की हर गतिविधि और यात्रा का रिकॉर्ड रखा जाता है। इसके बावजूद जानकारी नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह कुछ मिनट में उपलब्ध कराई जा सकने वाली सूचना है, फिर भी सरकार इसे देने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि जनप्रतिनिधि की ओर से मांगी गई जनहित की सूचना को छिपाने से सरकार को क्या लाभ होगा और विपक्ष यह जानकारी कहां से हासिल करेगा।
इस पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार कोई तथ्य या सूचना छिपाना नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि सरकार विस्तृत सूचना उपलब्ध कराना चाहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई भवनों का निर्माण अभी चल रहा है और इस सवाल से जुड़ी पूरी जानकारी मार्च 2027 में उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि सरकार ने पिछली सरकार की तुलना में अधिक नौकरियां दी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने बजट का प्रावधान करते हुए पिछली सरकार की तुलना में अधिक शिलान्यास और उद्घाटन किए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा