प्रदेश में बने 2 लाख हिमकार्ड बने, स्कूली छात्रों को रियायत देने पर विचार : मुकेश अग्निहोत्री

 


शिमला, 23 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को हिमकार्ड में रियायत देने पर विचार कर रही है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सोमवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक करीब 2 लाख हिमकार्ड बनाए जा चुके हैं और कार्ड बनाने की अंतिम तिथि बढ़ाने का मामला भी जल्द निगम की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (बीओडी) की बैठक में नीतिगत फैसले के तहत तय किया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने महिलाओं के लिए बस किराए में 50 प्रतिशत छूट का प्रावधान किया है, इसलिए महिलाओं के लिए हिमकार्ड बनवाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि कई बार दूसरे राज्यों के लोग भी बसों में मुफ्त यात्रा कर लेते हैं। ऐसे में हिमकार्ड बनने से यह पता चल सकेगा कि किस व्यक्ति ने कितनी बार यात्रा की है। इसी आधार पर परिवहन निगम सरकार को बिल भेज सकेगा, जिससे व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से अलग-अलग तरह की सब्सिडी दी जाती है और इन सब्सिडी का सही लाभ लोगों तक पहुंचाने में हिमकार्ड मददगार साबित होगा। साथ ही इससे यात्रियों का डाटा भी एकत्र होगा, जिससे सरकार को यह समझने में सुविधा होगी कि परिवहन निगम को किस मद में कितनी आर्थिक सहायता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हिमकार्ड बनने से बिल तैयार करने और भुगतान प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में भी आसानी होगी।

यह मुद्दा विधायक सुधीर शर्मा के सवाल के जवाब में उठा। सुधीर शर्मा ने सरकार से पूछा था कि जब तक 18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देने की योजना लागू नहीं होती, तब तक क्या उन्हें आधार कार्ड के आधार पर मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। इस पर जवाब देते हुए मुकेश अग्निहोत्री ने हल्के अंदाज में कहा कि देश में भी सभी लोगों को 15-15 लाख रुपये देने की घोषणा की गई थी, क्या सभी को वह राशि मिल गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा