महिला उत्पीड़न की शिकायतें होंगी गोपनीय, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई : सुक्खू

 


शिमला, 27 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में महिला उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों को अब पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वीरवार को विधानसभा में कहा कि हर शिकायत की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं का पूरा सम्मान करती है और कई महिलाएं अपनी परेशानी खुलकर सामने नहीं रख पाती हैं। इसी को देखते हुए नियमों में बदलाव किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह बात विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक मलेंद्र राजन के सवाल के जवाब में हस्तक्षेप करते हुए कही। उन्होंने कहा कि महिला उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों की जांच की प्रक्रिया में गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

इससे पहले सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने मूल सवाल के जवाब में बताया कि पिछले तीन वर्षों में सरकारी, अर्धसरकारी और निजी कार्यस्थलों के साथ शिक्षण संस्थानों में महिला उत्पीड़न के 131 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें से 37 मामलों में कार्रवाई की गई है।

मंत्री के अनुसार तीन मामलों में कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया। एक मामले में गंभीर दंड और एक मामले में सेवा से निलंबन की कार्रवाई हुई। दो मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई और दो मामलों में आरोपपत्र जारी किए गए। नौ मामलों में कर्मचारियों के तबादले किए गए। वहीं, 19 मामलों का आपसी सहमति से निपटारा हुआ। इन मामलों में माफीनामा लिया गया और चेतावनी जारी की गई।

कर्नल शांडिल ने बताया कि सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं। संबंधित अधिनियम की धारा 8(2) के तहत महिला एवं बाल विकास निदेशालय को नोडल एजेंसी बनाया गया है। सभी जिलों में उपायुक्तों को जिला अधिकारी नियुक्त किया गया है।

उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने ‘शी-बॉक्स’ पोर्टल भी शुरू किया है। इस ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से कामकाजी महिलाएं कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से जुड़े कानून के तहत सीधे और गोपनीय तरीके से शिकायत दर्ज कर सकती हैं। शिकायत की स्थिति भी पोर्टल पर देखी जा सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा