हिमाचल में करुणामूलक नौकरियों के 712 मामले लंबित, 95 किये खारिज़

 


शिमला, 01 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के सरकारी विभागों में करुणामूलक आधार पर नौकरी के 712 मामले अभी लंबित हैं। इन सभी मामलों में संबंधित परिवारों की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम है। यह जानकारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को विधानसभा में लिखित जवाब में दी। करुणामूलक नियुक्तियों को लेकर भाजपा विधायक सुधीर शर्मा, सतपाल सिंह सत्ती और पवन कुमार काजल ने सरकार से सवाल पूछा था, जिसके जवाब में मुख्यमंत्री ने यह विवरण साझा किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि लंबित मामलों में तृतीय श्रेणी के 383 और चतुर्थ श्रेणी के 329 मामले शामिल हैं। इसके अलावा तृतीय श्रेणी के 17 और चतुर्थ श्रेणी के 78 मामलों को अस्वीकार भी किया गया है। उन्होंने बताया कि कई मामलों में आवेदन न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी न करने, समय पर आवेदन न करने, वैधानिक उत्तराधिकारी न होने और निर्धारित नियमों का पालन न होने के कारण खारिज किए गए हैं। खारिज किए गए मामलों की संख्या 95 है।

स्कूल शिक्षा विभाग में तृतीय श्रेणी के तीन मामलों को अस्वीकार किया गया है। इनमें से दो मामलों में आवेदकों के खिलाफ एफआईआर लंबित है, जबकि एक मामले में जमा दो का जाली प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया था। वहीं चतुर्थ श्रेणी के एक मामले को इसलिए अस्वीकार किया गया क्योंकि आवेदक की दो जीवित पत्नियां थीं।

विभागवार लंबित मामलों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उच्चतर शिक्षा विभाग में तृतीय श्रेणी के सबसे अधिक 237 मामले लंबित हैं, जबकि चतुर्थ श्रेणी के 74 मामले लंबित हैं। पुलिस विभाग में तृतीय श्रेणी के 64 और चतुर्थ श्रेणी के 31 मामले लंबित हैं। जल शक्ति विभाग में तृतीय श्रेणी के 8 और चतुर्थ श्रेणी के 91 मामले लंबित हैं। राजस्व विभाग में तृतीय श्रेणी के 12 और चतुर्थ श्रेणी के 8 मामले लंबित हैं, जबकि पशुपालन विभाग में तृतीय श्रेणी के 11 और चतुर्थ श्रेणी के 43 मामले लंबित हैं।

मुख्यमंत्री ने लिखित जवाबी में यह भी बताया कि विभिन्न बोर्डों और निगमों में करुणामूलक नियुक्तियों के 140 मामले लंबित हैं, जबकि 3 मामलों को अस्वीकार किया गया है। इन लंबित मामलों में 66 तृतीय श्रेणी और 74 चतुर्थ श्रेणी के मामले शामिल हैं। चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में तृतीय श्रेणी के 20 और चतुर्थ श्रेणी के 35 मामले लंबित हैं। हिमाचल प्रदेश राज्य वन निगम में तृतीय श्रेणी के 13 और चतुर्थ श्रेणी के 11 मामले लंबित हैं। हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) में तृतीय श्रेणी के 9 और चतुर्थ श्रेणी के 2 मामले लंबित हैं। पंचायती राज संस्थाओं में तृतीय श्रेणी के 9 और चतुर्थ श्रेणी के 10 मामले लंबित हैं। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में चतुर्थ श्रेणी के 3 मामले लंबित हैं, जबकि हिमुडा में तृतीय श्रेणी के 2 और चतुर्थ श्रेणी के 3 मामले लंबित हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा