चिंतपूर्णी मंदिर में सुगम दर्शन पर्ची से तीन साल में 16.38 करोड़ रुपये की आय, अनियमितताओं पर एफआईआर
शिमला, 27 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ व मंदिर श्री चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं को दर्शन की सुविधा देने के लिए शुरू की गई ‘सुगम दर्शन पर्ची’ व्यवस्था से मंदिर न्यास को अगस्त 2023 से जून 2026 तक 16 करोड़ 38 लाख 47 हजार 86 रुपये की आय हुई है। इस व्यवस्था के संचालन के दौरान अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतों और कार्रवाई को लेकर भी सरकार ने विधानसभा में स्थिति स्पष्ट की है।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने वीरवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। विधायक ने पूछा था कि क्या माता चिंतपूर्णी मंदिर में ‘सुगम दर्शन पर्ची’ व्यवस्था लागू की गई है और इससे कितनी आय हुई है। उन्होंने यह भी पूछा था कि पर्चियां काटने के दौरान अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं या नहीं और इस संबंध में क्या कार्रवाई की गई।
सरकार के लिखित जवाब के अनुसार माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में ‘सुगम दर्शन पर्ची’ व्यवस्था अगस्त 2023 से शुरू की गई थी। इससे हुई आय का वर्षवार ब्योरा भी विधानसभा में दिया गया। 8 अगस्त 2023 से 31 दिसंबर 2023 के बीच इस व्यवस्था से 1 करोड़ 43 लाख 2 हजार 641 रुपये की आय हुई। वर्ष 2024 में 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक आय 4 करोड़ 66 लाख 38 हजार 336 रुपये रही।
वर्ष 2025 में इस व्यवस्था से मंदिर को 6 करोड़ 9 लाख 43 हजार 469 रुपये की आय हुई। इसके बाद वर्ष 2026 में 1 जनवरी से 30 जून तक 4 करोड़ 19 लाख 62 हजार 640 रुपये की आय दर्ज की गई। इन सभी अवधियों को मिलाकर कुल आय 16 करोड़ 38 लाख 47 हजार 86 रुपये रही।
सतपाल सिंह सत्ती के दूसरे सवाल में सुगम दर्शन पर्ची काटने के दौरान अनियमितताओं की शिकायतों का मुद्दा उठाया गया था। सरकार ने जवाब में कहा कि सुगम दर्शन पर्ची काटने के दौरान अनियमितताओं की कोई शिकायत श्री चिंतपूर्णी मंदिर न्यास कार्यालय में प्राप्त नहीं हुई है।
हालांकि, मंदिर अधिकारी की ओर से सुगम दर्शन पर्ची सॉफ्टवेयर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के बाद कुछ अनियमितताएं पाई गईं। सरकार के अनुसार इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाई गई है और पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा