एड्स नियंत्रण संस्थाओं के 414 कर्मचारियों को नियमित नहीं करेगी सरकार

 


शिमला, 31 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में एड्स नियंत्रण संस्थाओं में काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने का राज्य सरकार का कोई विचार नहीं है। विधानसभा में शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल के लिखित जवाब में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री धनी राम शांडिल ने सोमवार को यह जानकारी दी। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में एड्स नियंत्रण के लिए 18 गैर सरकारी संस्थाएं कार्यरत हैं। इन संस्थाओं के तहत 414 कर्मचारी काम कर रहे हैं। ये कर्मचारी संबंधित गैर सरकारी संस्थाओं के अधीन साल-दर-साल के अनुबंध समझौते के आधार पर सेवाएं दे रहे हैं। सरकार की ओर से इन कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने का कोई प्रस्ताव या विचार नहीं है।

आशा वर्करों के नियमितीकरण के लिए नीति बनाने का विचार नहीं

हिमाचल प्रदेश में आशा वर्करों को भविष्य में नियमित करने के लिए भी सरकार कोई नीति नहीं बनाएगी। विधानसभा में नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बावा के सवाल के लिखित जवाब में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री धनी राम शांडिल ने कहा कि आशा वर्करों को स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों पर मर्ज करने का भी कोई विचार नहीं है। मंत्री ने बताया कि आशा वर्कर प्रोत्साहन राशि आधारित कार्यकर्ता हैं। उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के विभिन्न कार्यक्रमों के तहत केंद्र सरकार के मानदंडों और एनएचएम के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन राशि और राज्य सरकार की ओर से मानदेय दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर स्वैच्छिक कार्यकर्ता हैं और आशा कार्यक्रम एनएचएम के दिशा-निर्देशों के तहत चलाया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग में आशा वर्करों के लिए अलग कैडर नहीं

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था के अनुसार आशा वर्करों के लिए स्थायी नीति का कोई प्रावधान नहीं है। स्वास्थ्य विभाग में उनकी योग्यता के अनुरूप ऐसा कोई कैडर भी नहीं है, जिसके तहत उन्हें रिक्त पदों पर समायोजित या मर्ज किया जा सके। नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बावा ने सरकार से पूछा था कि क्या आशा वर्करों की योग्यता और अनुभव को देखते हुए उन्हें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के रिक्त पदों पर समायोजित या मर्ज करने का विचार है। इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का ऐसा कोई विचार नहीं है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा