प्रदेश में तीन साल में विज्ञापनों पर 22.87 करोड़ रुपये खर्च
शिमला, 24 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि राज्य सरकार ने अपने तीन साल के कार्यकाल में 31 अक्तूबर 2025 तक विभिन्न विभागों, निगमों और बोर्डों के माध्यम से अलग-अलग प्रकार के विज्ञापनों पर कुल 22 करोड़ 87 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च की है। उन्होंने यह जानकारी मंगलवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक सुधीर शर्मा के सवाल का जवाब देते हुए दी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में विज्ञापन से संबंधित कोई नई व्यवस्था लागू नहीं की गई है और वर्ष 2017 से चली आ रही व्यवस्था के अनुसार ही काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुल खर्च में से सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का हिस्सा लगभग 14 करोड़ रुपये है, जबकि बाकी खर्च अन्य विभागों द्वारा किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछली भाजपा सरकार के मुकाबले वर्तमान सरकार ने विज्ञापनों पर कम खर्च किया है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पूर्व की भाजपा सरकार ने अपने तीन साल के कार्यकाल में लगभग 28 करोड़ रुपये विज्ञापनों पर खर्च किए थे, जबकि वर्तमान सरकार का खर्च इससे काफी कम है। उनके अनुसार मौजूदा सरकार ने पिछले कार्यकाल की तुलना में लगभग आधा खर्च किया है।
विधानसभा में विधायक सुधीर शर्मा ने सरकार से यह भी पूछा कि क्या इस वित्त वर्ष में ऐसी जगहों की पहचान की जाएगी जहां सरकारी होर्डिंग्स लगाए जा सकें और उनके लिए कोई तय दरें निर्धारित की जाएंगी। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार होर्डिंग्स लगाने के लिए नियम तय करने पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि अभी कई बार राजनीतिक दल अपने स्तर पर भी होर्डिंग्स लगा देते हैं, जिससे कुछ दिक्कतें सामने आती हैं, इसलिए इस व्यवस्था को व्यवस्थित करने की जरूरत है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा