हिमाचल विधानसभा में तीन पूर्व दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित

 


शिमला, 22 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन शनिवार को सदन की कार्यवाही की शुरुआत तीन पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक व्यक्त करने के साथ हुई। सदन में पूर्व विधायक ज्ञान चंद, विजयेंद्र सिंह और राम चंद भाटिया के निधन पर शोकोद्गार प्रकट किए गए। सदस्यों ने उनके राजनीतिक और सामाजिक जीवन में योगदान को याद किया और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद सदन में कुछ क्षण का मौन रखा गया।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शोकोद्गार व्यक्त करते हुए पूर्व विधायक विजयेंद्र सिंह के राजनीतिक जीवन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विजयेंद्र सिंह का 1 जुलाई 2026 को 80 वर्ष की आयु में निधन हुआ। वह नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधानसभा के लिए चुने गए। उन्होंने 1977, 1982, 1985, 1990 और 1993 में नालागढ़ का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने स्नातक तक शिक्षा प्राप्त की थी। प्रदेश सरकार में उन्होंने मुख्य संसदीय सचिव और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली।

मुख्यमंत्री ने नगरोटा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक राम चंद भाटिया को भी याद किया। उन्होंने कहा कि 78 वर्ष की आयु में 29 जुलाई 2026 को उनका निधन हुआ। राम चंद भाटिया नगरोटा से तीन बार विधानसभा सदस्य रहे। उन्होंने 1982, 1985 और 1990 में विधानसभा चुनाव जीते। वह विधानसभा की कई समितियों के सदस्य भी रहे।

मुख्यमंत्री ने थुरल विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक ज्ञान चंद के निधन पर भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ज्ञान चंद का 3 जून 2026 को 89 वर्ष की आयु में निधन हुआ। उन्होंने 1977 में थुरल विधानसभा क्षेत्र का विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया था।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने तीनों पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक जताते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं भी व्यक्त कीं।

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी तीनों पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने ज्ञान चंद को बेहतर जनप्रतिनिधि बताते हुए उनके काम को याद किया। उन्होंने कहा कि विजयेंद्र सिंह की छवि एक ईमानदार नेता की थी, जबकि राम चंद भाटिया सहज स्वभाव के व्यक्ति थे। जयराम ठाकुर ने तीनों दिवंगत नेताओं की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने भी शोकोद्गार में हिस्सा लिया। उन्होंने तीनों पूर्व सदस्यों के राजनीतिक जीवन से जुड़े कई प्रसंग सुनाए। उन्होंने बताया कि इन नेताओं की अपने-अपने क्षेत्रों में जनता के बीच मजबूत पकड़ थी और लोगों से उनका सीधा जुड़ाव रहा।

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के विकास में तीनों पूर्व सदस्यों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।

विधायक विपिन सिंह परमार ने भी तीनों पूर्व सदस्यों के कार्यों और सेवाओं को याद किया।

विधायक पवन कुमार काजल, आशीष बुटेल, राम कुमार और आर.एस. बाली ने भी शोकोद्गार में हिस्सा लिया। उन्होंने दिवंगत पूर्व सदस्यों के राजनीतिक और सामाजिक जीवन की सराहना की तथा उनके निधन को प्रदेश और उनके संबंधित क्षेत्रों के लिए क्षति बताया।

विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि सदन के दोनों पक्षों के सदस्यों की ओर से व्यक्त की गई भावनाओं से दिवंगत सदस्यों के परिजनों को अवगत करवाया जाएगा। इसके बाद सदन में कुछ क्षण मौन रखकर तीनों पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा