हिमाचल विधानसभा परिसर में आमने-सामने भाजपा और कांग्रेस, राष्ट्रगान और वंदे मातरम् को लेकर प्रदर्शन

 


शिमला, 22 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन शनिवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विधानसभा परिसर में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा विधायक आमने-सामने आ गए। दोनों दलों के विधायकों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने भाजपा पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाया, वहीं भाजपा ने कांग्रेस पर राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रगान के कथित अपमान को लेकर नारेबाजी की। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि विपक्ष सदन को राजनीतिक अखाड़ा बनाना चाहता है और उसकी कोशिश सदन की कार्यवाही को चलने नहीं देने की है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए राष्ट्रगान के बाद वंदे मातरम् को सदन में गाने की मांग का मुद्दा उठाया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में कामकाज नियमों के अनुसार चलता है। उनके अनुसार राष्ट्रीय गीत सत्र के समापन पर गाया जाता है और विधानसभा अध्यक्ष ने भी इस व्यवस्था का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि सदन धक्काशाही से नहीं, नियमों के अनुसार चलता है।

सुक्खू ने भाजपा पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाते हुए इसे निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक असल मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए वंदे मातरम् को मुद्दा बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस वंदे मातरम् का सम्मान करती है।

उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी भाजपा पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाया और कहा कि सदन की कार्यवाही नियमों के अनुसार चलनी चाहिए।

दूसरी ओर भाजपा विधायकों ने भी विधानसभा परिसर में कांग्रेस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। भाजपा विधायकों ने वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए और राष्ट्रीय गीत के सम्मान की मांग की।

भाजपा विधायकों का कहना था कि प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से वंदे मातरम् का गायन किया था। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यसमिति यानी सीडब्ल्यूसी की बैठक में राष्ट्रीय गीत के केवल दो छंद गाने का निर्णय लिया गया है। भाजपा विधायकों ने कहा कि विधानसभा का सदन कांग्रेस की सीडब्ल्यूसी के फैसले के अनुसार नहीं चलेगा।

भाजपा विधायकों ने विधानसभा में वंदे मातरम् गाने की मांग की। उनका आरोप है कि सत्ता पक्ष ने उनकी मांग को स्वीकार नहीं किया। भाजपा नेताओं ने कहा कि वंदे मातरम् के अपमान को पार्टी सहन नहीं करेगी। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस का ये आरोप गलत है कि भाजपा विधायकों ने सदन में राष्ट्रगान का अपमान किया। उन्होंने विधानसभा में पिछले कल हुए राष्ट्रगान की लाइव रिकार्डिंग विपक्ष को देने की मांग करते हुए कहा कि विधानसभा की लाइव रिकार्डिंग देखी जाए और उसे देखकर बताएं कि विपक्ष ने राष्ट्रगान का कहाँ पर अपमान किया है।

भाजपा विधायकों ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को कमजोर करने का भी आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान शिमला जिला परिषद के चुनाव का मुद्दा भी उठाया गया।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि शिमला जिला परिषद के चुनाव करीब पौने तीन महीने बीतने के बाद भी नहीं कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब इस मामले में अदालत ने 10 सितंबर की तारीख तय की है। भाजपा ने शिमला के उपायुक्त कार्यालय के कामकाज पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि यह कार्यालय जिला कांग्रेस कमेटी यानी डीसीसी की तरह काम कर रहा है।

भाजपा नेताओं के अनुसार उपायुक्त की ओर से विधानसभा सत्र का हवाला देकर चुनाव नहीं कराने की बात कही जा रही है। भाजपा ने सवाल उठाया कि आखिर सरकार को जिला परिषद चुनाव कराने से किस बात का डर है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा