हिमकेयर योजना बंद नहीं होगी, कमियां दूर कर बनाएंगे और बेहतर : स्वाथ्य मंत्री
शिमला, 26 अगस्त (हि.स.)। हिमकेयर, आयुष्मान और सहारा योजना बंद नहीं होगी। इन योजनाओं में मौजूद कमियों को दूर कर इन्हें और बेहतर बनाया जाएगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने बुधवार को विधानसभा में नियम-130 के तहत स्वास्थ्य सेवाओं पर हुई चर्चा के जवाब में यह स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेशवासियों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। अस्पतालों में आधारभूत ढांचा मजबूत करने के साथ डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पद भरे जा रहे हैं।
शांडिल ने बताया कि आईजीएमसी शिमला में तीन लेक्चर थिएटर और परीक्षा हॉल का करीब 66 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। न्यूक्लियर मेडिसिन और मेडिकल ऑन्कोलॉजी ब्लॉक का 85 प्रतिशत सिविल कार्य पूरा है। चमियाणा स्थित अटल इंस्टीट्यूट में रोबोटिक सर्जरी समेत आधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाए गए हैं। वर्ष 2025-26 में करीब 28.88 करोड़ रुपये के उपकरण खरीदे गए। नेरचौक, हमीरपुर और टांडा में कैथ लैब स्थापित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 29 में से 25 स्थानों पर डायलिसिस इकाइयां संचालित हैं और 128 मशीनें कार्यशील हैं। 11 नए एसएनसीयू और 17 एनबीएसयू स्वीकृत किए गए हैं। हमीरपुर में 264 बिस्तरों वाले स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के निर्माण के लिए फंड जारी किया गया है।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के 6365 स्वीकृत पदों में से 4661 पद भरे जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ नर्स के 1938 पदों में 1266 भरे हैं और 200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। एनएचएम के 6088 स्वीकृत पदों में 4115 कर्मचारी कार्यरत हैं। ओटीए के 158 और फिजियोथेरेपिस्ट के छह रिक्त पद भरने के लिए मांगपत्र भेजे गए हैं।
भाजपा विधायकों ने सरकार को घेरा, गिनाईं अस्पतालों की कमियां
भाजपा विधायक त्रिलोक जमवाल ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी से पहले अस्पतालों की लिफ्ट, सड़क और दूसरी बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त हों। उन्होंने आईजीएमसी की खराब लिफ्ट, चमियाणा की सड़क और मेमोग्राफी मशीन के साथ प्रिंटर उपलब्ध न होने का मामला उठाया। सहारा योजना की राशि नहीं मिलने पर भी सवाल किया।
विधायक सुरेश कुमार ने प्रदेश में करीब 3000 स्वास्थ्य संस्थानों, 3000 मेडिकल ऑफिसर, 650 विशेषज्ञ डॉक्टर और करीब 5000 पैरामेडिकल कर्मचारियों की सेवाओं का जिक्र करते हुए सरकार के प्रयासों को सराहा। उन्होंने भोरंज अस्पताल की नई इमारत का 90 प्रतिशत काम पूरा होने की जानकारी दी।
विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि मरीज को सबसे पहले डॉक्टर और दवा चाहिए। उन्होंने बंजार में करीब एक लाख आबादी पर छह अस्पताल और महज 20 बेड होने का मुद्दा उठाया। अस्पताल का दर्जा बढ़ाने और मंजू मौत मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। मलेन्द्र राजन ने स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीति से बचने और कमियां दूर करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हिमकेयर बंद नहीं हुई है।
विधायक प्रकाश राणा ने हिमकेयर को गरीब मरीजों के लिए जरूरी बताते हुए कहा कि पैसे के अभाव में मरीज इलाज छोड़ रहे हैं। उन्होंने लडभड़ोल अस्पताल में एक ही डॉक्टर होने का मामला उठाया। वहीं विधयक विनोद सुल्तानपुरी ने डेपुटेशन व्यवस्था खत्म करने की मांग की और रोबोटिक सर्जरी को सरकार की उपलब्धि बताया। उन्होंने नरयाल अस्पताल को डायलिसिस केंद्र बनाने की मांग की। लोकेन्द्र कुमार ने आनी में डॉक्टर, दवाइयों और विशेषज्ञों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने पैरासिटामोल तक की कमी और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ नहीं होने से सर्जरी प्रभावित होने का आरोप लगाया।
विधायक विवेक शर्मा ने सरकार की ओर से डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की नियुक्तियां करने तथा आधुनिक मशीनरी उपलब्ध करवाने की बात कही।
डीएस ठाकुर ने चंबा मेडिकल कॉलेज सहित विधानसभा क्षेत्र के अस्पतालों में डॉक्टरों के रिक्त पद भरने की मांग की।
विधायक सुदर्शन बबलू ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को सत्ता संभालते समय 75 हजार करोड़ रुपये का कर्ज विरासत में मिला था। उन्होंने अंब अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीनों की उपलब्धता का मामला उठाया।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा