आर्थिक सर्वेक्षण : आर्थिक संकट के बीच हिमाचल की अर्थव्यवस्था में सुधार, विकास दर 8.3 प्रतिशत दर रहने का अनुमान

 


शिमला, 20 मार्च (हि.स.)। आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हिमाचल प्रदेश के लिए राहत भरी बात सामने आई है। राज्य की अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत मिल रहे हैं और प्रति व्यक्ति आय के साथ-साथ विकास दर में भी बढ़ोतरी का अनुमान जताया गया है। यह जानकारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा शुक्रवार को विधानसभा में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में सामने आई है।

आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार चालू वित्त वर्ष में हिमाचल की विकास दर राष्ट्रीय औसत से अधिक रहने की संभावना है। जहां देश की विकास दर 7.4 से 7.6 प्रतिशत के बीच आंकी गई है, वहीं हिमाचल की विकास दर 8.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह दर्शाता है कि आर्थिक दबाव के बावजूद राज्य की अर्थव्यवस्था अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन कर रही है।

प्रति व्यक्ति आय के मामले में भी हिमाचल आगे नजर आ रहा है। चालू वित्त वर्ष में राज्य की प्रति व्यक्ति आय 2 लाख 83 हजार 626 रुपए आंकी गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.8 प्रतिशत अधिक है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से करीब 64 हजार रुपए ज्यादा बताया गया है। माना जा रहा है कि पर्यटन, व्यापार, परिवहन जैसे सेवा क्षेत्रों में विस्तार और ग्रामीण इलाकों में खाद्य सुरक्षा के प्रयासों ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

राज्य की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा योगदान सेवा क्षेत्र का बताया गया है, जिसका हिस्सा 46.3 प्रतिशत है। इसके बाद उद्योग क्षेत्र का योगदान 39.4 प्रतिशत और कृषि व उससे जुड़े क्षेत्रों का योगदान 14.3 प्रतिशत आंका गया है। इससे साफ है कि हिमाचल की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।

आर्थिक सर्वेक्षण में उद्योग क्षेत्र को रोजगार सृजन और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया गया है। वर्ष 2025-26 के अग्रिम अनुमानों के अनुसार उद्योगों से जुड़े क्षेत्रों का मूल्य करीब 94,381 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। निर्माण, बिजली और विनिर्माण क्षेत्रों में भी बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई है। विनिर्माण क्षेत्र में 5.74 प्रतिशत और उद्योग क्षेत्र में कुल 7.77 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।

इसके अलावा पर्यटन क्षेत्र का योगदान भी महत्वपूर्ण माना गया है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था में 7.77 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। वहीं बिजली की बिक्री से चालू वित्त वर्ष के अंत तक लगभग 1900 करोड़ रुपए का राजस्व मिलने की संभावना जताई गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा