हिमाचल विधानसभा का बजट सत्र आज से, हंगामे के आसार

 


शिमला, 18 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा चरण आज सुबह 11 बजे से शुरू हो रहा है और इसके साथ ही सदन में तीखी बहस और संभावित हंगामे के आसार भी जताए जा रहे हैं। एक महीने के अंतराल के बाद शुरू हो रहे इस चरण में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर रहे हैं। पहले दिन प्रश्नकाल के अलावा अन्य विधायी कार्य निपटाया जाएगा। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होगी, जबकि पिछले चरण में राज्यपाल का अभिभाषण हो चुका है।

चौदहवीं विधानसभा के 11वें सत्र का यह दूसरा चरण 2 अप्रैल तक चलेगा और इसमें कुल 13 बैठकें प्रस्तावित हैं। इस चरण में कुल 834 सवाल सरकार के सामने रखे जाएंगे, जिनमें 665 तारांकित और 169 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। ये सवाल प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कों, रोजगार, पेयजल, पर्यटन और कानून-व्यवस्था जैसे अहम मुद्दों को केंद्र में रखकर पूछे गए हैं।

राजनीतिक दृष्टि से सत्र का यह चरण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्षी दल भाजपा ने सत्र शुरू होने से एक दिन पहले ही अपनी रणनीति तैयार कर ली है और सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। खासतौर पर बेरोजगारी, वित्तीय स्थिति, विकास कार्यों की धीमी रफ्तार, ड्रग्स और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया जा सकता है। वहीं, सत्तापक्ष भी आज बैठक शुरू होने से पहले अपनी रणनीति तय करेगा, जिससे विपक्ष के हमलों का जवाब प्रभावी ढंग से दिया जा सके।

सत्र के शुरुआती तीन दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के लिए निर्धारित हैं, जिसका जवाब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 20 मार्च को देंगे। इसके बाद 21 मार्च को मुख्यमंत्री वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। बजट पेश होने के बाद 23 से 25 मार्च तक सामान्य चर्चा होगी, जबकि 27, 28 और 30 मार्च को मांगों पर चर्चा और मतदान होगा। 30 मार्च को ही विनियोग विधेयक पारित किया जाएगा।

इस बीच, सत्र को लेकर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। जिला पुलिस शिमला ने विधानसभा परिसर और शहर में ‘मल्टी-लेयर’ सुरक्षा घेरा तैयार किया है। करीब 700 पुलिस और होमगार्ड कर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें 15 राजपत्रित अधिकारी, 27 अन्य अधिकारी और सैकड़ों जवान शामिल हैं। इसके अलावा क्विक रिएक्शन टीम और विशेष सुरक्षा इकाई के कमांडो भी रणनीतिक स्थानों पर तैनात रहेंगे।

विधानसभा परिसर और आसपास के इलाकों को चार पुलिस सेक्टरों में बांटा गया है और हर सेक्टर की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है। संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे नाकाबंदी लागू है और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सादे कपड़ों में खुफिया कर्मी भी तैनात रहेंगे, जो संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे।

यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए भी विशेष योजना लागू की गई है। शहर में 145 ट्रैफिक कर्मियों के साथ अतिरिक्त पुलिस बल और मोटरसाइकिल राइडर तैनात किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और डिजिटल निगरानी के जरिए पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा