हिमाचल विधानसभा में बजट के दौरान विपक्ष का हंगामा, वेल में आकर नारेबाजी, सीएम सुक्खू का बजट भाषण बीच में रुका

 

शिमला, 21 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में शनिवार को पूर्वान्ह 11 बजे वित्त वर्ष 2026–27 का बजट पेश करते समय उस वक्त हंगामे की स्थिति बन गई, जब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा आरडीजी के मुद्दे पर विपक्ष पर की गई टिप्पणी के बाद भाजपा विधायक भड़क गए। विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए, जिसके चलते सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया और स्पीकर को मुख्यमंत्री का बजट भाषण कुछ समय के लिए रोकना पड़ा।

हंगामा बजट भाषण शुरू होने के करीब 10 मिनट के भीतर ही शुरू हो गया। विपक्षी सदस्य मुख्यमंत्री द्वारा एक शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताते हुए लगातार नारेबाजी करते रहे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्पीकर ने कई बार विपक्षी विधायकों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने का आग्रह किया, लेकिन शोर-शराबा जारी रहने के कारण मुख्यमंत्री को अपना बजट भाषण बीच में ही रोककर सीट पर बैठना पड़ा।

इससे पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बजट भाषण की शुरुआत में कहा कि वित्त वर्ष 2026–27 का बजट ऐसे समय में पेश किया जा रहा है, जब वर्ष 1952 से हिमाचल प्रदेश को मिल रही आरडीजी को 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय संविधान की भावना के विपरीत है और इससे प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर गहरा असर पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष से कई बार आग्रह किया था कि वह प्रदेश के हित में केंद्र सरकार के समक्ष आरडीजी बहाल करने के लिए सहयोग करें, लेकिन विपक्ष ने इस कठिन समय में प्रदेश का साथ नहीं दिया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियां कठिन होने के कारण यहां बुनियादी ढांचा विकसित करने में मैदानी राज्यों की तुलना में दो से तीन गुना अधिक खर्च आता है और ऐसे में आरडीजी बंद होना प्रदेश के लिए बड़ा झटका है।

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया इस समय तीसरे विश्व युद्ध जैसे हालात के मुहाने पर खड़ी दिखाई दे रही है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है, समुद्री व्यापार महंगा और धीमा हो गया है तथा इसका असर देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि हालात लंबे समय तक बने रहे तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे आम लोगों के लिए जीवन यापन और कठिन हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट प्रदेश की मौजूदा आर्थिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है और इसमें आम लोगों की प्राथमिकताओं को शामिल करने का प्रयास किया गया है। हालांकि बजट भाषण के शुरुआती चरण में ही विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कुछ समय तक प्रभावित रही। स्पीकर ने कहा कि जिस शब्द से विपक्ष को आपत्ति है, उसे सदन की कार्रवाई से हटा दिया गया है। फिलहाल सदन में हंगामे की स्थिति बनी हुई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा