हिमाचल बजट 2026–27: अति गरीब महिलाओं को 1500 रुपये मासिक सहायता, एक लाख परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली, चिट्टा रोकने के लिए 1000 कांस्टेबल भर्ती का ऐलान, साइबर मित्र योजना की घोषणा
शिमला, 21 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वित्त वर्ष 2026–27 का बजट पेश करते हुए सामाजिक सुरक्षा, नशामुक्ति, पुलिस सुदृढ़ीकरण, खेल, शिक्षा, धार्मिक पर्यटन और औद्योगिक विकास से जुड़े कई अहम ऐलान किए हैं। बजट में खास तौर पर अति गरीब परिवारों, महिलाओं, युवाओं और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि प्रदेश के एक लाख अति गरीब परिवारों की महिलाओं को प्रति माह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही ऐसे ही एक लाख अति गरीब परिवारों को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी, ताकि कमजोर वर्गों को राहत मिल सके।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत मंडी में बन रहे शिव धाम का निर्माण कार्य भी पूरा किया जाएगा, जिससे प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश में चिट्टा जैसे नशे के खिलाफ अभियान को तेज करने के लिए पुलिस विभाग में 1000 अतिरिक्त कांस्टेबल भर्ती करने की घोषणा की गई है। इसके अलावा पुलिस बल को और मजबूत करने के लिए 50 महिला सब-इंस्पेक्टरों की सीधी भर्ती भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में कहा कि पुलिस कर्मचारियों की पदोन्नति समय पर सुनिश्चित करने के लिए कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल पद के लिए परीक्षा भी करवाई जाएगी, जो वर्ष 2017 के बाद नहीं हो सकी थी।
आपातकालीन सेवा 112 को और सुदृढ़ किया जाएगा। अब चिट्टा तस्करी से जुड़ी जानकारी भी इस नंबर पर दी जा सकेगी और सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। साइबर अपराधों पर रोक लगाने के लिए पुलिस विभाग “साइबर मित्र योजना” शुरू करेगा, जिसके तहत तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं को इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
शिमला शहर में बढ़ती भीड़ को कम करने के लिए पुलिस के कम्युनिकेशन और टेक्निकल मुख्यालय को शिमला से हमीरपुर स्थानांतरित करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा कुछ अन्य कार्यालयों को भी शिफ्ट किया जाएगा।
शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए स्कूलों में विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए डिजिटल और सोशल मीडिया से संबंधित एक नया विषय शुरू किया जाएगा। साथ ही इस शैक्षणिक सत्र से सभी स्कूलों में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लागू करने की भी घोषणा की गई है।
युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से “खेलो हिमाचल–चिट्टा मुक्त अभियान” शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत 12 करोड़ रुपये की लागत से तीन स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, जिनमें 15 से 30 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 50 हजार युवा भाग लेंगे। ब्लॉक और जिला स्तर पर नियमित खेल प्रतियोगिताएं भी करवाई जाएंगी। इसके अलावा हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र के करेड़ी में मल्टी पर्पज स्पोर्ट्स सेंटर विकसित किया जाएगा।
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए नई औद्योगिक नीति लाने और एक फ्लैगशिप पॉलिसी लागू करने की भी घोषणा की गई है, जिससे प्रदेश में निवेश बढ़ाने और रोजगार के अवसर सृजित करने पर जोर दिया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा