हिमाचल राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस ने कांगड़ा के अनुराग शर्मा पर खेला दांव

 




शिमला, 05 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन के आखिरी दिन गुरूवार को कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार के नाम से पर्दा उठाते हुए कांगड़ा जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग शर्मा को मैदान में उतार दिया है। पार्टी का यह फैसला राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि अनुराग शर्मा का नाम संभावित दावेदारों की सूची में प्रमुखता से नहीं चल रहा था। ऐसे में कांग्रेस का यह चयन संगठनात्मक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

बैजनाथ (जिला कांगड़ा) से संबंध रखने वाले अनुराग शर्मा आज शिमला के विधानसभा परिसर में नामांकन दाखिल करेंगे। संयोग से आज उनका जन्मदिन भी है, जिससे यह दिन उनके लिए राजनीतिक रूप से खास माना जा रहा है। कांग्रेस खेमे में इस फैसले को जमीनी कार्यकर्ता को आगे बढ़ाने और स्थानीय चेहरे पर भरोसा जताने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

इससे पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू संकेत दे चुके थे कि पार्टी इस बार बाहरी राज्य से उम्मीदवार नहीं उतारेगी और हिमाचल से ही चेहरा सामने लाया जाएगा। होली कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि कांग्रेस पूरी सतर्कता के साथ कदम बढ़ा रही है और किसी को लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित करने का मौका नहीं दिया जाएगा। उनके इस बयान को पिछले राज्यसभा चुनाव के अनुभवों से जोड़कर देखा जा रहा था।

दरअसल, 2024 के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस ने अभिषेक मनु सिंघवी को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन क्रॉस वोटिंग के कारण भाजपा के हर्ष महाजन जीत गए थे। उस घटनाक्रम के बाद से कांग्रेस पर स्थानीय चेहरे को आगे करने का दबाव माना जा रहा था। अनुराग शर्मा के चयन को इसी रणनीतिक पृष्ठभूमि का हिस्सा समझा जा रहा है।

राजनीतिक गलियारों में पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सहित कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में थे, लेकिन पार्टी ने अंततः अपेक्षाकृत कम चर्चित संगठनात्मक चेहरे पर भरोसा जताया है। इसे कांग्रेस संगठन के भीतर संदेश देने की कोशिश भी माना जा रहा है कि लंबे समय से काम कर रहे नेताओं को भी अवसर दिया जा सकता है।

उधर नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि भाजपा इस बार “शरारत करने के मूड में नहीं” है। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल को पहले अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और देखना होगा कि वह किसे मैदान में उतारती है।

अनुराग शर्मा की राजनीतिक पृष्ठभूमि छात्र राजनीति से जुड़ी रही है। उन्होंने 1990 के दशक में एनएसयूआई से अपनी सक्रियता शुरू की और धीरे-धीरे कांग्रेस संगठन में आगे बढ़ते गए। वे बीए पास हैं और पेशे से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे कांगड़ा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं, जबकि इससे पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव भी रह चुके हैं। राजनीति के साथ-साथ वे इंटरनेशनल बीड़-बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं, जिससे पर्यटन और खेल गतिविधियों से उनका जुड़ाव रहा है। उनके पिता प्यारे लाल शर्मा पूर्व में बीडीसी चेयरमैन रह चुके हैं। पार्टी के भीतर उन्हें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का करीबी माना जाता है,।

निर्वाचन कार्यक्रम के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 16 मार्च को होगा और उसी दिन नतीजे घोषित किए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा