हिमाचल में आंधी-बारिश से बदला मौसम, 14 डिग्री तक लुढ़का पारा

 


शिमला, 30 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से शनिवार को मौसम के कड़े तेवर देखने को मिले। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि और ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी भी दर्ज की गई। बारिश के बाद राज्य में गर्मी का असर काफी कम हुआ है और अधिकतम औसत तापमान सामान्य से 7.7 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग ने अगले दो दिन भी प्रदेश में मौसम खराब बने रहने का अनुमान जताया है। अगले 24 घण्टों में 10 जिलों में आंधी, बारिश व ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है।

सुंदरनगर में 14 डिग्री गिरा तापमान, शिमला भी ठंडा हुआ

बारिश और तेज़ हवाओं का सबसे ज्यादा असर तापमान पर देखने को मिला। सुंदरनगर का अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस गिरकर 20.9 डिग्री रह गया। मंडी में 12.5 डिग्री, नेरी में 12.4 डिग्री, बरठीं में 11.2 डिग्री, ऊना में 10.8 डिग्री और जुब्बड़हट्टी में 9.9 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। शिमला का अधिकतम तापमान भी 7.5 डिग्री गिरकर 17.5 डिग्री पहुंच गया। शनिवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान ऊना में 28.8 डिग्री, इसके बाद नाहन में 28.5 डिग्री और धर्मशाला में 28 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं केलांग 13.9 डिग्री और कुफरी 14.4 डिग्री रहा।

ओलावृष्टि से फलों और सब्जियों को नुकसान, सिरमौर के किसान परेशान

मौसम में आए बदलाव का असर बागवानी और खेती पर भी पड़ा है। शिमला, कुल्लू और मंडी के ऊपरी क्षेत्रों में हुई ओलावृष्टि से सेब और अन्य गुठलीदार फलों को नुकसान पहुंचा है। शिमला जिले के चौपाल और कोटखाई क्षेत्रों में भी ओले गिरे। सिरमौर जिले में नुकसान ज्यादा देखने को मिला है। राजगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत छोटीघाटी के कांडा गांव समेत आसपास के क्षेत्रों में टमाटर, मूली, बीन और अन्य सब्जियों की फसलें ओलावृष्टि से प्रभावित हुई हैं। खेतों में तैयार फसल और बाजार के लिए तैयार उत्पादों को नुकसान पहुंचने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

कई जिलों में तेज बारिश, बिजली कड़कने की घटनाएं भी दर्ज

पिछले 24 घंटों के दौरान मंडी जिले के पंडोह में सबसे अधिक 40 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा बिलासपुर के नैना देवी, हमीरपुर के भरेड़ी और कांगड़ा के गूलेर में 30-30 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। कांगड़ा, सुंदरनगर, गोहर, शिमला, बलद्वाड़ा और जतौन बैराज सहित कई क्षेत्रों में भी अच्छी वर्षा हुई। शिमला, जुब्बड़हट्टी, सुंदरनगर, कांगड़ा, भुंतर, मुरारी देवी और जोत में बिजली चमकने और गरजने की घटनाएं दर्ज की गईं। निचले और मैदानी इलाकों में बारिश से उमस भरी गर्मी से राहत मिली, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई।

पहली जून तक मौसम खराब, पंडोह बांध से छोड़ा जाएगा अतिरिक्त पानी,

मौसम विभाग ने 31 मई के लिए लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर प्रदेश के अन्य 10 जिलों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर में ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है। एक जून को भी मौसम खराब बना रह सकता है। इस बीच लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने पंडोह बांध से करीब 6000 क्यूसेक अतिरिक्त पानी ब्यास नदी में छोड़ने का फैसला किया है। बोर्ड ने मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर जिलों में नदी किनारे रहने वाले लोगों, पर्यटकों और ठेकेदारों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

वहीं मौसम विभाग के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार वर्ष 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है, हालांकि किन्नौर के कुछ क्षेत्रों तथा लाहौल-स्पीति और चंबा के उत्तरी भागों में सामान्य या उससे अधिक बारिश हो सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा