हिमाचल में कोल्ड स्टोरेज और रेफ्रिजरेटेड वैन पर 70 प्रतिशत सब्सिडी देगी सरकार, मत्स्य कारोबार को मिलेगी रफ्तार
शिमला, 09 अगस्त (हि.स.)। मछली पकड़ने या पालने के बाद उसे बाजार तक पहुंचाना अब हिमाचल के मछुआरों और मछली पालकों के लिए बड़ी चुनौती नहीं रहेगा। मछली को लंबे समय तक सुरक्षित रखने, उसकी गुणवत्ता बनाए रखने और बाजार में बेहतर दाम दिलाने के लिए प्रदेश सरकार ने मत्स्य क्षेत्र में कोल्ड-चेन सुविधाएं मजबूत करने की पहल की है। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को कोल्ड स्टोरेज, फ्रीज-ड्राई यूनिट और रेफ्रिजरेटेड वैन के लिए 70 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। एक सरकारी प्रवक्ता ने ये जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि योजना के तहत पांच मीट्रिक टन क्षमता वाले कोल्ड स्टोरेज के लिए 15 लाख रुपये, फ्रीज-ड्राई यूनिट के लिए 10 लाख रुपये और रेफ्रिजरेटेड वैन के लिए 20 लाख रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है। इसका लाभ फिश फार्मर्स प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन, मत्स्य सहकारी समितियों, उद्यमियों, बेरोजगार युवाओं, स्वयं सहायता समूहों, मछुआरों, मछली विक्रेताओं और मछली पालकों को मिलेगा।
प्रवक्ता के मुताबिक कोल्ड स्टोरेज लगाने के लिए आवेदक के पास उपयुक्त भूमि या स्थान होना जरूरी होगा। यह उसके स्वामित्व में होना चाहिए या कम से कम 10 साल की दीर्घकालिक लीज पर लिया गया होना चाहिए। फ्रीज-ड्राई यूनिट के मामले में मौजूदा मछली विक्रेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। रेफ्रिजरेटेड वैन के लिए आवेदक का योग्य व्यावसायिक चालक होना या योग्य चालक की व्यवस्था करना जरूरी होगा।
प्रवक्ता ने कहा कि योजना का क्रियान्वयन मत्स्य विभाग करेगा। कोल्ड स्टोरेज और फ्रीज-ड्राई यूनिट का निरीक्षण साइट तैयार होने, मशीनरी स्थापित होने और ट्रायल रन के दौरान किया जाएगा। रेफ्रिजरेटेड वैन की अंतिम सब्सिडी किस्त जारी होने से पहले उसका हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग में पंजीकरण अनिवार्य होगा। परिसंपत्ति के निर्माण या स्थापना और सत्यापन के बाद सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के जरिए दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने सब्सिडी से तैयार सुविधाओं को कम से कम सात साल तक चालू रखना अनिवार्य किया है। विभाग की अनुमति के बिना इन परिसंपत्तियों को बेचा, लीज पर दिया या हस्तांतरित नहीं किया जा सकेगा। सुविधाओं की स्थिति पर त्रैमासिक रिपोर्ट ली जाएगी और आकस्मिक निरीक्षण भी होंगे।
वहीं, मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इस पहल से मत्स्य क्षेत्र का आधुनिकीकरण होगा और मछली पालकों तथा मछुआरों की आय बढ़ाने के नए रास्ते खुलेंगे। कोल्ड-चेन सुविधा से मछली उत्पादों की बर्बादी घटेगी, वैल्यू एडिशन को बढ़ावा मिलेगा और उत्पादकों को बेहतर कीमत मिल सकेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा