हिमाचल में पीजी मेडिकल सीटें 277 से बढाकर 597 करने की तैयारी
शिमला, 17 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर (पीजी) मेडिकल सीटों में अब तक का सबसे बड़ा विस्तार करने का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव के अनुसार प्रदेश के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटों की संख्या मौजूदा 277 से बढ़ाकर 597 की जाएगी। एक चरण में पीजी सीटों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी पहली बार प्रस्तावित की गई है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि पीजी सीटें बढ़ने से प्रदेश के मेडिकल छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए राज्य के भीतर ही अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही विभिन्न विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने में भी मदद मिलेगी।
प्रवक्ता ने बताया कि प्रस्ताव के अनुसार इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी), शिमला में पीजी सीटें 139 से बढ़ाकर 230 करने का प्रस्ताव है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद सरकारी मेडिकल कॉलेज, टांडा में सीटें 99 से बढ़ाकर 156, श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज, मंडी में 24 से बढ़ाकर 79, डॉ. यशवंत सिंह परमार मेडिकल कॉलेज, नाहन में तीन से बढ़ाकर 35, पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, चंबा में चार से बढ़ाकर 32 और डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर में आठ से बढ़ाकर 65 करने का प्रस्ताव रखा गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने इस विस्तार की तैयारी के तहत पिछले तीन वर्षों में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर स्पेशलिस्ट के 218 पद भी सृजित किए हैं। इनमें टांडा मेडिकल कॉलेज में 54, नाहन में 31, चंबा में 32, मंडी में 36, हमीरपुर में 63 और अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी, चमियाना में दो पद शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन पदों के सृजन से विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी, पीजी मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सीनियर रेजिडेंट तृतीयक स्वास्थ्य संस्थानों की रीढ़ माने जाते हैं। वे मरीजों के इलाज, मेडिकल शिक्षा, शोध कार्य और क्लीनिकल प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। उन्होंने कहा कि सीनियर रेजिडेंट फैकल्टी और एमबीबीएस छात्रों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं और विशेष विभागों में अस्पतालों की सेवाओं को सुचारु बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीजी सीटों में बढ़ोतरी से प्रदेश में कुशल विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार होंगे, जो बढ़ती स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक बुनियादी ढांचे, अत्याधुनिक जांच सुविधाओं, आधुनिक प्रयोगशालाओं और बेहतर शिक्षण संसाधनों का लगातार विस्तार कर रही है, जिससे गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिले।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा