हिमाचल में पंचायत चुनाव से पहले 870 पीईटी भर्ती पूरी करने की मांग

 


शिमला, 29 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 870 शारीरिक शिक्षकों (पीईटी) की प्रस्तावित भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर देरी की आशंका के कारण चर्चा में है। बेरोजगार शारीरिक कल्याण संगठन ने चिंता जताई है कि यदि जिलों से जरूरी रिकॉर्ड समय पर शिक्षा विभाग को नहीं भेजा गया तो पंचायत चुनाव से पहले भर्ती प्रक्रिया पूरी करना मुश्किल हो सकता है।

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राजपूत ने कहा कि 19 मार्च को शिक्षा विभाग, शिमला की ओर से सभी जिलों के उपनिदेशकों से भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक दस्तावेज और आंकड़े पांच दिनों के भीतर भेजने को कहा गया था। उनका कहना है कि अब तक कई जिलों से यह जानकारी विभाग को नहीं मिल पाई है, जिससे प्रक्रिया आगे बढ़ने में देरी हो रही है।

उन्होंने आशंका जताई कि यदि यह स्थिति बनी रहती है तो आगामी पंचायत चुनाव के दौरान लागू होने वाली आचार संहिता के कारण भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर रुक सकती है। संगठन का कहना है कि प्रदेश सरकार की ओर से पहले यह भरोसा दिया गया था कि पंचायत चुनाव से पहले भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए बेरोजगार अभ्यर्थियों में फिर से चिंता बढ़ गई है।

संगठन के अनुसार यह भर्ती पिछले लगभग आठ–नौ वर्षों से विभिन्न कारणों से लगातार टलती रही है। उनका कहना है कि अब जब प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिशें तेज हुई हैं, तो विभागीय स्तर पर हो रही देरी के कारण एक बार फिर संशय की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कई पात्र अभ्यर्थियों की आयु लगातार बढ़ रही है और यदि भर्ती जल्द पूरी नहीं हुई तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है।

संगठन का यह भी दावा है कि प्रदेश के कई स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों की कमी बनी हुई है, जिससे खेल गतिविधियों और अनुशासन पर असर पड़ रहा है। संगठन ने यह भी कहा कि खेल सुविधाओं की कमी बच्चों के समग्र विकास को प्रभावित करती है। हालांकि इस संबंध में विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर पहले यह संकेत दे चुके हैं कि सरकार लंबित भर्तियों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे में बेरोजगार शारीरिक शिक्षकों ने मांग की है कि जिलों से लंबित रिकॉर्ड जल्द भेजे जाएं और काउंसलिंग की तारीख तय कर भर्ती प्रक्रिया को समय रहते पूरा किया जाए, ताकि पंचायत चुनाव से पहले नियुक्तियां संभव हो सकें।

संगठन ने सभी जिला उपनिदेशकों से अपील की है कि आवश्यक दस्तावेज तुरंत उपलब्ध कराए जाएं, जिससे लंबे समय से लंबित इस भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके और पात्र अभ्यर्थियों को राहत मिल सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा