हिमाचल में पंचायत चुनाव की घोषणा, तीन चरणों में मतदान, 31 मई को नतीजे

 


शिमला, 28 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव का बिगुल बज गया है। मंगलवार को इसकी औपचारिक घोषणा के साथ ही पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। इस बार प्रदेश की 3754 ग्राम पंचायतों में चुनाव कराए जाएंगे। मतदान तीन चरणों में 26, 28 और 30 मई को होगा। मतदान सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक कराया जाएगा। पंचायत स्तर के पदों की मतगणना मतदान के तुरंत बाद पंचायत मुख्यालयों में होगी, जबकि बीडीसी और जिला परिषद सदस्यों की गिनती 31 मई को सुबह 9 बजे से ब्लॉक मुख्यालयों में की जाएगी। सभी मतगणना केंद्रों पर वीडियोग्राफी होगी और संवेदनशील केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था भी रहेगी।

नामांकन से लेकर चुनाव चिन्ह तक पूरी प्रक्रिया तय

राज्य चुनाव आयुक्त अनिल खाची ने प्रेस वार्ता में बताया कि नामांकन प्रक्रिया 7, 8 और 11 मई को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगी। 12 मई को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। इसके बाद 14 और 15 मई को उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। 15 मई को ही अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी जाएगी और चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। मतदान केंद्रों की सूची 7 मई या उससे पहले प्रकाशित कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में 51 शहरी निकायों के चुनाव पहले ही घोषित किए जा चुके हैं, जिनके लिए 17 मई को मतदान होगा।

50 लाख से ज्यादा मतदाता, 31,182 पदों पर चुनाव

राज्य में इस बार कुल 50 लाख 79 हजार 48 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें 25 लाख 67 हजार 777 पुरुष और 25 लाख 11 हजार 249 महिलाएं शामिल हैं। करीब 52 हजार युवा पहली बार मतदान करेंगे, जिनमें लगभग 23 हजार महिलाएं हैं। पूरे प्रदेश में 21 हजार 678 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। लाहौल-स्पीति के काजा के लांगजा स्थित कामो पाठशाला में 4587 मीटर की ऊंचाई पर सबसे ऊंचा मतदान केंद्र होगा। वहीं, सिरमौर जिले के पांवटा साहिब की एक पंचायत में सबसे अधिक मतदाता हैं, जबकि किन्नौर के पूह क्षेत्र के सुमरा गांव में सबसे कम 178 मतदाता दर्ज हैं। इन चुनावों में कुल 31,182 पदों पर मतदान होगा, जिनमें 3,754 प्रधान, 3,754 उपप्रधान, 21,654 वार्ड सदस्य, 1,769 बीडीसी सदस्य और 251 जिला परिषद सदस्य शामिल हैं।

पांच रंग के मतपत्र, चुनाव को माना जा रहा ‘सेमीफाइनल’

मतदाताओं को इस बार पांच अलग-अलग रंग के मतपत्र दिए जाएंगे। इनमें वार्ड सदस्य के लिए सफेद, उपप्रधान के लिए पीला, प्रधान के लिए हल्का हरा, बीडीसी सदस्य के लिए गुलाबी और जिला परिषद सदस्य के लिए हल्का नीला बैलेट पेपर होगा। मतदाता ‘वोटर सारथी’ ऐप और निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अपना नाम देख सकते हैं। वोटर कार्ड के अलावा 16 अन्य पहचान पत्र भी मान्य होंगे। जिला परिषद सदस्य के लिए चुनाव खर्च की सीमा एक लाख रुपये तय की गई है, जबकि अन्य पदों के लिए कोई सीमा नहीं रखी गई है। हालांकि ये चुनाव पार्टी चुनाव चिन्हों पर नहीं होंगे, लेकिन इन्हें आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एक तरह का ‘सेमीफाइनल’ माना जा रहा है। इससे पहले जनवरी 2021 में प्रदेश में पंचायती और शहरी निकाय चुनाव कराए गए थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा