हिमाचल पंचायत चुनाव: तीसरे चरण में रिकॉर्ड 80 फीसदी से ज्यादा वोटिंग, महिलाओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ा

 




शिमला, 30 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण में शनिवार को मतदाताओं ने उत्साह का नया रिकॉर्ड कायम कर दिया। खराब मौसम, कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं के बावजूद मतदाता बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचे। राज्य की 1189 ग्राम पंचायतों में हुए मतदान में कुल 80.41 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पहले दो चरणों और पिछले पंचायत चुनाव की तुलना में अधिक रहा। पहले चरण में लगभग 79 प्रतिशत और दूसरे चरण में करीब 80 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि पिछले पंचायत चुनाव में कुल मतदान करीब 78 प्रतिशत रहा था।

सुबह से ही प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहे और शिमला, सोलन, कुल्लू सहित कई जिलों में बारिश भी हुई, लेकिन इसका असर मतदान पर नहीं दिखा। सुबह नौ बजे तक लगभग 20 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ था। इसके बाद मतदान केंद्रों पर भीड़ लगातार बढ़ती गई और सुबह 11 बजे तक मतदान 41 प्रतिशत तक पहुंच गया। उस समय भी सिरमौर जिला 49.28 प्रतिशत मतदान के साथ प्रदेश में सबसे आगे था। दिन चढ़ने के साथ मतदान का प्रतिशत लगातार बढ़ता गया और अंततः तीसरे चरण ने रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया। चुनाव के साथ ही प्रदेश की सभी 3754 ग्राम पंचायतों में नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया पूरी हो गई। प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों के परिणाम देर शाम से आने शुरू हुए, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के नतीजे रविवार को घोषित किए जाएंगे।

इस चरण में महिलाओं ने मतदान के मामले में पुरुषों को पीछे छोड़ दिया। राज्य में महिला मतदान प्रतिशत 83.36 रहा, जबकि पुरुष मतदान 77.50 प्रतिशत दर्ज किया गया। प्रदेश के 12 में से 9 जिलों में महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में अधिक मतदान किया। किन्नौर, लाहौल-स्पीति और शिमला ऐसे जिले रहे जहां पुरुषों का मतदान महिलाओं से थोड़ा अधिक रहा। हमीरपुर जिला इस मामले में सबसे आगे रहा, जहां महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से करीब 11 प्रतिशत अधिक दर्ज किया गया। मतदान केंद्रों पर महिलाओं की लंबी कतारें दिनभर दिखाई दीं और ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। पहली बार मतदान करने वाले युवाओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला।

जिलावार आंकड़ों में सिरमौर 85.18 प्रतिशत मतदान के साथ प्रदेश में सबसे आगे रहा। इसके बाद कुल्लू में 84.66 प्रतिशत, सोलन में 83.84 प्रतिशत, शिमला में 82.74 प्रतिशत, मंडी में 81.63 प्रतिशत, चम्बा में 80.68 प्रतिशत, ऊना में 79.23 प्रतिशत, किन्नौर में 79.67 प्रतिशत, बिलासपुर में 78.22 प्रतिशत, कांगड़ा में 77.15 प्रतिशत और हमीरपुर में 76.52 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। लाहौल-स्पीति में 71.05 प्रतिशत मतदान हुआ, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। इसके बावजूद जिले में मतदान को लेकर लोगों में उत्साह देखा गया।

इस चुनाव की एक बड़ी खासियत बुजुर्ग मतदाताओं की भागीदारी रही। कई शतायु मतदाता लोकतंत्र के इस पर्व में हिस्सा लेने मतदान केंद्र पहुंचे। शिमला जिले के रेसमू वार्ड नंबर-1 की 100 वर्षीय महिला मतदाता ने मतदान कर युवाओं को संदेश दिया। वहीं शिमला जिले के दलगांव-1 के मतदान केंद्र में 105 वर्षीय ठाकुर दास ने भी गर्व के साथ अपना वोट डाला। इससे पहले भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से 100 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं के मतदान केंद्र पहुंचने की तस्वीरें सामने आई थीं। बुजुर्गों के साथ-साथ पहली बार वोट डालने वाले युवाओं ने भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

कुल्लू में पोलिंग बूथ पर निभाई गई देव परंपरा

चुनाव के दौरान कुल्लू जिले की सैंज घाटी से लोकतंत्र और देव संस्कृति के संगम की एक अनूठी तस्वीर भी सामने आई। तलाड़ा पंचायत के कण्ढा मतदान केंद्र में पोलिंग टीम ने स्थानीय देव परंपरा का सम्मान करते हुए फर्श पर बैठकर मतदान प्रक्रिया संचालित की। गांव की मान्यता के अनुसार कुछ क्षेत्रों में कुर्सी पर बैठना और पलंग पर सोना वर्जित माना जाता है। जैसे ही पोलिंग पार्टी को इस परंपरा की जानकारी मिली, उन्होंने बिना कुर्सी और मेज के फर्श पर बैठकर मतदान कराने का फैसला किया। प्रीसाइडिंग अधिकारी मनोज महाजन, पोलिंग अधिकारी मनोज शर्मा, सोमदत्त, चरणजीत और सुरक्षा कर्मियों ने पूरे दिन इसी तरह मतदान प्रक्रिया संपन्न कराई। स्थानीय लोगों ने इसे देव संस्कृति के सम्मान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति संवेदनशीलता का उदाहरण बताया।

तीसरे चरण के मतदान के दौरान कई प्रमुख हस्तियों ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बिलासपुर जिले के विजय नगर स्थित मतदान केंद्र में वोट डाला।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा