हिमाचल में नौतोड़ के करीब 20 हजार मामले लंबित, राजस्व मंत्री ने राज्यपाल से उठाया मामला

 

शिमला, 21 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय इलाकों में जमीन के नौतोड़ से जुड़े करीब 20 हजार मामले लंबे समय से लंबित हैं। प्रदेश के राजस्व एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने इन मामलों को जल्द मंजूरी देने की मांग उठाई है। उन्होंने शुक्रवार को राज्यपाल कविंदर गुप्ता से मुलाकात कर इस मुद्दे पर जल्द फैसला लेने का आग्रह किया।

जगत सिंह नेगी ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में नौतोड़ के करीब 20 हजार मामले लंबित हैं।

उन्होंने राज्यपाल से इन मामलों को मंजूरी देने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया। मंत्री के अनुसार नौतोड़ का लाभ 20 बीघा से कम भूमि वाले पात्र लोगों को दिए जाने का प्रावधान है।

मंत्री ने कहा कि राज्यपाल को संविधान के संबंधित प्रावधानों के तहत इस मामले में अधिकार प्राप्त हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्यपाल इस मुद्दे पर जल्द फैसला लेंगे। उनके अनुसार राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने मामले में त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया है।

जगत सिंह नेगी ने कहा कि उन्होंने नौतोड़ के मामलों को मंजूरी दिलाने के मुद्दे पर मौजूदा राज्यपाल से दो बार मुलाकात की है। इससे पहले वह पूर्व राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से भी आठ बार मिल चुके हैं।

नेगी ने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और इसे आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए।

नौतोड़ हिमाचल के जनजातीय इलाकों से जुड़ा पुराना और संवेदनशील मुद्दा है। इसके तहत पात्र लोगों को सरकारी जमीन पर खेती या उपयोग के लिए जमीन देने से जुड़े मामले आते हैं। जनजातीय क्षेत्रों में लंबे समय से स्थानीय लोग इन मामलों के निपटारे की मांग करते रहे हैं।

राजस्व मंत्री ने कहा कि नौतोड़ के मामलों को मंजूरी मिलना सीमावर्ती और दूरदराज के इलाकों से लोगों के पलायन को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, इससे खाली और बंजर पड़ी जमीन का उपयोग हो सकेगा और स्थानीय लोगों को अपने ही क्षेत्र में रहने तथा खेती करने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में लोगों की मौजूदगी बनाए रखना जरूरी है। अगर स्थानीय लोगों को जमीन और रोजगार से जुड़े अवसर मिलते हैं, तो उन्हें अपने क्षेत्र से बाहर जाने की जरूरत कम होगी।

जगत सिंह नेगी ने कहा कि सरकार चाहती है कि इस मुद्दे का जल्द समाधान हो और लोगों को अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने की स्थिति न बने। उन्होंने राज्यपाल से लंबित मामलों पर जल्द कार्रवाई की अपील की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा