हिमाचल प्रदेश से तीन माह बाद मानसून विदा, सामान्य से 11 फीसदी कम हुई बारिश, 380 लोगों की गई जान
शिमला, 03 अक्टूबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून विदा हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मानसून ने शनिवार को पूरे प्रदेश से विदाई ली, जबकि इसकी सामान्य विदाई की तारीख 25 सितंबर है। इस तरह इस साल मानसून सामान्य समय से आठ दिन देर से प्रदेश से विदा हुआ। मानसून ने हिमाचल में 30 जून को प्रवेश किया था और एक जुलाई तक पूरे प्रदेश में फैल गया था। इस बार मानसून की सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश हुई। पूरे मानसून सीजन में बारिश से जुड़े हादसों में 380 लोगों की मौत हुई।
चार महीनों में 652.3 मिलीमीटर बारिश, 125 साल में 41वीं सबसे कम
जून से सितंबर तक मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में 652.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 734.4 मिलीमीटर है। इस लिहाज से प्रदेश में मानसूनी बारिश सामान्य से 11 फीसदी कम रही। इस साल दर्ज 652.3 मिलीमीटर बारिश पिछले 125 वर्षों में 41वीं सबसे कम मानसूनी बारिश है। वर्ष 1901 से 2026 तक के आंकड़ों में प्रदेश में सबसे अधिक मानसूनी बारिश 1922 में 1314.6 मिलीमीटर दर्ज की गई थी। पूरे मानसून सीजन में किन्नौर, ऊना, बिलासपुर, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन में सामान्य बारिश हुई, जबकि
हमीरपुर में सामान्य से कम और
लाहौल-स्पीति में सामान्य से बहुत कम बारिश दर्ज़ की गई। पिछले साल 2025 में मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में सामान्य से 39 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई थी।
जुलाई में छह फीसदी ज्यादा, अगस्त में 17 और सितंबर में 14 फीसदी कम
मानसून के दौरान महीना-दर-महीना बारिश में काफी अंतर रहा। जून में सामान्य 101.1 मिलीमीटर के मुकाबले 64.9 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 36 फीसदी कम थी। जुलाई में सामान्य 255.9 मिलीमीटर के मुकाबले 272.5 मिलीमीटर बारिश हुई और यह सामान्य से छह फीसदी अधिक रही। जुलाई में कुल्लू में बहुत अधिक, जबकि चंबा, किन्नौर और शिमला में सामान्य से अधिक बारिश हुई। अगस्त में सामान्य 256.8 मिलीमीटर के मुकाबले 212.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जो 17 फीसदी कम रही। इस महीने बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और ऊना में बारिश सामान्य रही, जबकि चंबा, हमीरपुर और सोलन में कम तथा अन्य जिलों में बहुत कम बारिश हुई। सितंबर में सामान्य 120.6 मिलीमीटर के मुकाबले 103.4 मिलीमीटर बारिश हुई, जो 14 फीसदी कम रही। इस महीने किन्नौर में बहुत अधिक, बिलासपुर, शिमला और सिरमौर में अधिक बारिश हुई। हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और सोलन में बारिश सामान्य, चंबा, कुल्लू और ऊना में कम तथा लाहौल-स्पीति में बहुत कम रही। 10 जुलाई को सिरमौर में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई। जुलाई में आठ दिन, अगस्त में चार दिन और सितंबर में दो दिन प्रदेश में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।
मानसून से जुड़े हादसों में 380 लोगों की मौत, चार अभी लापता
मानसून सीजन के दौरान बारिश से जुड़े हादसों में हिमाचल प्रदेश में 380 लोगों की मौत हुई है, जबकि चार लोग अभी लापता हैं। हादसों में 637 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में 226 की जान सड़क हादसों में गई, जबकि 154 लोगों की मौत भूस्खलन, अचानक बाढ़, डूबने, बहने, फिसलने और बारिश से जुड़े अन्य हादसों में हुई है। इस दौरान 884 मवेशियों की भी मौत हुई है। जिलावार आंकड़ों के अनुसार शिमला में सबसे ज्यादा 57 लोगों की मौत हुई है। चंबा और कांगड़ा में 45-45, सिरमौर में 42, मंडी में 40, कुल्लू में 34, ऊना में 28, लाहौल-स्पीति में 26, सोलन में 24, किन्नौर में 19 तथा बिलासपुर और हमीरपुर में 10-10 लोगों की मौत हुई है।
मानसून से 3,231 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन
राज्य में मानसून से करीब 3,231 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। बारिश और आपदा की घटनाओं में 153 मकान पूरी तरह और 537 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा 18 दुकानें, छह घराट और 502 पशुशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। लोक निर्माण विभाग को सड़कों और पुलों को हुए नुकसान से करीब 2,744 करोड़ रुपये की क्षति का अनुमान है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा