(राउंड अप) हिमाचल में मानसून मचाने लगा तबाही, तीन दिन में 11 लोगों की मौत

 


शिमला, 02 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआत ही भारी पड़ती दिख रही है। सामान्य समय से पांच दिन की देरी के बाद 30 जून को प्रदेश में पहुंचे मानसून ने आते ही जनजीवन पर गहरा असर डालना शुरू कर दिया है। लगातार बारिश और भूस्खलन की घटनाओं के बीच पिछले तीन दिनों में वर्षा जनित हादसों में 11 लोगों की जान जा चुकी है।

गुरुवार को लाहौल-स्पीति जिले में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के परिचालक ज्ञान सिंह की मौत ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में बढ़ते खतरे को सामने ला दिया। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार लगातार बारिश से सड़कें, बिजली और पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हुई है, जबकि कई कच्चे घर और पशुशालाएं भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।

गुरुवार सुबह लाहौल-स्पीति की मयाड़ घाटी में धोंदल नाला के पास एक हादसा हुआ। मंडी जिले की लाड़भरोल तहसील के पंजालाग गांव निवासी ज्ञान सिंह एचआरटीसी के केलांग डिपो में परिचालक थे। उदयपुर से लौट रही बस धोंदल नाला के पास रुकी तो वह हाथ-मुंह धोने के लिए नीचे उतरे। इसी दौरान पहाड़ी से अचानक एक बड़ा पत्थर गिरा और उनके सिर पर आ लगा। गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए क्षेत्रीय अस्पताल केलांग भेज दिया। विधायक अनुराधा राणा ने घटना पर शोक जताते हुए पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता देने के निर्देश प्रशासन को दिए हैं।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार मानसून के पहले तीन दिनों में वर्षा जनित घटनाओं में 11 लोगों की मौत हुई है। इनमें दो लोगों की सड़क हादसों में, चार की पहाड़ी से फिसलने, एक की बहने, एक की करंट लगने और तीन लोगों की अन्य कारणों से जान गई। इसी अवधि में प्रदेश में आठ कच्चे घर और दो पशुशालाएं भी पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं। गुरुवार शाम तक भूस्खलन के कारण 49 सड़कें बंद थीं। 42 बिजली ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं और 27 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं, जिससे कई क्षेत्रों में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिन भी राहत मिलने की संभावना नहीं है। विभाग ने 8 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। 3, 4, 5 और 6 जुलाई के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 7 और 8 जुलाई के लिए येलो अलर्ट रहेगा। बीते 24 घंटों में सिरमौर के पांवटा साहिब में 100 मिलीमीटर, कसौली में 86, धर्मपुर में 83, जतौंन बैरेज में 77, धौलाकुआं में 69, पच्छाद में 60, रामपुर में 53, ऊना में 50, नाहन में 39 और पालमपुर में 38 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं।

लाहौल में जाहलमा नाले के पास वैकल्पिक मार्ग पर केवल फोर-बाय-फोर वाहनों की आवाजाही शुरू की गई है, जबकि किन्नौर में सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ने पर कड़छम बांध से पानी की निकासी बढ़ाई गई है। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा