हिमाचल में 16 सितम्बर तक धीमा रहेगा मॉनसून, कोई अलर्ट नहीं

 


शिमला, 10 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। राज्य के कई हिस्सों में गुरुवार को मौसम साफ रहा। राजधानी शिमला में पिछले तीन दिनों से बारिश नहीं हुई है। निचले और मैदानी क्षेत्रों में बारिश कम होने से उमस बढ़ गई है। मौसम विभाग ने 16 सितंबर तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है, लेकिन इस अवधि में कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट या चेतावनी जारी नहीं की गई है। विभाग के अनुसार इस दौरान मानसून के धीमे रहने के आसार हैं।

प्रदेश में सितंबर की शुरुआत में मानसून सक्रिय रहा और कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। इसके बाद बारिश का दौर कमजोर पड़ गया। पिछले 24 घंटों के दौरान भी मानसून की गतिविधियां कम रहीं। मंडी जिले के जोगिंदरनगर में सबसे अधिक 25 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। धर्मशाला में 9 मिलीमीटर, कसौली में 3 मिलीमीटर और पालमपुर में 2 मिलीमीटर बारिश हुई।

बारिश का दौर कम होने से भूस्खलन के कारण बंद सड़कों को बहाल करने के काम में तेजी आई है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार गुरुवार शाम तक प्रदेश में भूस्खलन के कारण 61 सड़कें बंद थीं। आठ बिजली ट्रांसफार्मर और दो पेयजल योजनाएं भी प्रभावित रहीं। मंडी जिले में 30, कुल्लू में 11 और कांगड़ा में 10 सड़कें बंद हैं। चंबा जिले के डलहौजी में छह और शिमला जिले के रामपुर में दो बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं। रामपुर में दो पेयजल योजनाएं भी बंद हैं।

मौसम विभाग के अनुसार 11 सितंबर को सिरमौर, सोलन, कांगड़ा और मंडी जिलों के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दिन भी प्रदेश में भारी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। 12 से 16 सितंबर के बीच कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर और बिलासपुर जिलों के कुछ क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है।

अन्य जिलों में भी एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। 13 सितंबर के बाद पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है।

प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में बड़ी संख्या में जान-माल का नुकसान हुआ है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार मानसून सीजन में बारिश से जुड़े हादसों में 288 लोगों की मौत हुई है, जबकि 518 लोग घायल हुए हैं और चार लोग लापता हैं। मृतकों में 172 की मौत सड़क हादसों में हुई है। 116 लोगों की जान भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, फिसलने, बहने और अन्य बारिश जनित हादसों में गई है।

मानसून सीजन में प्रदेश में 127 घर, 17 दुकानें और 469 पशुशालाएं पूरी तरह ध्वस्त हुई हैं। 500 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। मानसून से प्रदेश में 1,638 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति को नुकसान हुआ है। इसमें लोक निर्माण विभाग को अकेले 1,218 करोड़ रुपये का नुकसान शामिल है।

हिमाचल प्रदेश में इस साल मानसून ने 30 जून को दस्तक दी थी। प्रदेश में एक जून से 10 सितंबर तक सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हिमाचल प्रदेश से मानसून की सामान्य विदाई 24 सितंबर के आसपास मानी जाती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा