हिमाचल में फिर सक्रिय हुआ मानसून, भारी बारिश की चेतावनी, भूस्खलन से 98 सड़कें अवरुद्ध

 


शिमला, 31 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और मौसम विभाग ने आज से अगले चार दिन तक लगातार अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। सोमवार को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार सोमवार सुबह तक भूस्खलन से प्रदेश में 98 सड़कें बंद थीं। इसके साथ 107 बिजली ट्रांसफार्मर और 37 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।

मौसम विभाग के अनुसार चार दिन तक बारिश का दौर जारी रह सकता है और छह सितंबर तक प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ होने की संभावना नहीं है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आज कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश हो सकती है। एक सितंबर को बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में भारी बारिश की संभावना है। दो सितंबर को बिलासपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। तीन सितंबर को सिरमौर में भी भारी बारिश हो सकती है। चार सितंबर को भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है। पांच और छह सितंबर को भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है, हालांकि इन दिनों कुछ हिस्सों में बारिश का दौर बना रह सकता है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार सोमवार सुबह तक मंडी में सबसे ज्यादा 43 सड़कें बंद थीं। कुल्लू में 16, चंबा में 15 और कांगड़ा में सात सड़कें अवरुद्ध हैं। अन्य जिलों में भी कुछ सड़कें भूस्खलन और बारिश के कारण बंद हुई हैं। मंडी जिले में 89 बिजली ट्रांसफार्मर बंद हैं, जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। हमीरपुर जिले में 37 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।

बीते 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। कांगड़ा में 70.4 मिलीमीटर बारिश हुई। बिलासपुर के मलराओं में 70.0 मिलीमीटर और मंडी के जोगिंदरनगर में भी 70.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सिरमौर के धौलाकुआं एडब्ल्यूएस में 66.0 मिलीमीटर, बिलासपुर के ब्राह्मणी में 62.2 मिलीमीटर और मंडी के मुरारी देवी में 61.4 मिलीमीटर बारिश हुई। बिलासपुर की नैना देवी में 60.8 मिलीमीटर, शिमला में 59.8 मिलीमीटर, ऊना के रायपुर मैदान में 48.4 मिलीमीटर, सिरमौर के पांवटा साहिब में 45.4 मिलीमीटर, शिमला के शिलारू में 45.2 मिलीमीटर और सिरमौर के नाहन में 40.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। राजधानी शिमला में रविवार शाम हुई तेज़ बारिश के कारण पेड़ों के गिरने व गाड़ियों पर मलबा गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई।

कालका-शिमला रेल लाइन पर दूसरे दिन भी रेल सेवा ठप

बारिश के कारण कालका-शिमला हेरिटेज रेल लाइन पर रेल यातायात लगातार दूसरे दिन भी प्रभावित रहा। सोमवार को भी इस मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही नहीं हुई। सोलन जिले में रेल ट्रैक के एक पुल के नीचे से मिट्टी धंसने के बाद रेलवे ने आगामी आदेश तक रेल सेवा बंद रखी है। इससे इस ऐतिहासिक रेल मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इस मानसून सीजन में अब तक बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं में प्रदेश में 253 लोगों की मौत हो चुकी है और 462 लोग घायल हुए हैं। एक व्यक्ति अभी लापता है। मृतकों में 149 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई, जबकि 104 लोगों की जान भूस्खलन, अचानक आई बाढ़, बहने, फिसलने, पहाड़ी से गिरने और बारिश से जुड़ी अन्य घटनाओं में गई है। प्राकृतिक आपदाओं और बारिश से 451 मवेशियों की भी मौत हुई है।

बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से प्रदेश में 102 मकान पूरी तरह और 434 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। सरकार के आकलन के अनुसार मानसून से अब तक करीब 1,184 करोड़ रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। इसमें लोक निर्माण विभाग का करीब 897 करोड़ रुपये का नुकसान शामिल है।

मौसम विभाग के अनुसार इस मानसून सीजन में अब तक हिमाचल में सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश हुई है। इसके बावजूद मानसून के दोबारा सक्रिय होने से अगले कुछ दिनों में भूस्खलन और सड़क यातायात प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा