हिमाचल में सितंबर तक खनन पर पूर्ण प्रतिबंध, नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्ती
शिमला, 09 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में सितंबर माह तक खनन गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार ने मानसून को देखते हुए खनन पर रोक लगाई है और इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने हिमाचल-पंजाब सीमा पर अवैध खनन के मामलों में भी सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि जहां भी शिकायतें मिलती हैं, वहां संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय की जाती है और कार्रवाई की जाती है।
हर्षवर्धन चौहान ने गुरुवार को शिमला में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार अवैध खनन पर लगातार नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्रों में सामने आने वाले मामलों में संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जाता है और दोष मिलने पर कार्रवाई की जाती है। उनके अनुसार, सितंबर तक प्रदेश में खनन गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लागू रहेगी।
उद्योग मंत्री ने बल्क ड्रग पार्क परियोजना की प्रगति की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि परियोजना का करीब 15 से 20 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। कुछ टेंडर प्रक्रियाएं अभी पूरी होनी हैं, जिन्हें जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि परियोजना क्षेत्र में बिजली व्यवस्था से जुड़ा लगभग 75 प्रतिशत और पानी की व्यवस्था से जुड़ा करीब 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। सड़क निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को धनराशि जारी कर दी गई है और परियोजना क्षेत्र तक डबल लेन सड़क बनाई जाएगी।
राम मंदिर में कथित चढ़ावे की चोरी के मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में हर्षवर्धन चौहान ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण पूरे देश के लिए गर्व का विषय है और यह करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। उन्होंने कहा कि आस्था से जुड़े किसी भी मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही होनी चाहिए। उनका कहना था कि कांग्रेस को इस मामले में सवाल पूछने का अधिकार है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राम के नाम पर वोट मांगे गए और कहा कि मंदिर किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के पास राम के नाम का कोई अधिकार नहीं है और आस्था के मुद्दे पर उठने वाले सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा