राज्यपाल को सौंपी गई हिमाचल निकाय चुनाव-2026 की रिपोर्ट

 


शिमला, 30 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने गुरुवार को लोक भवन में राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची से वर्ष 2026 में हुए स्थानीय निकायों के आम चुनाव की विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त की। यह रिपोर्ट मई 2026 में हुए पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव से जुड़ी है। इसमें चुनाव की तैयारी, मतदान, प्रशासनिक व्यवस्थाओं, कानूनी प्रक्रियाओं और चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न कराने से जुड़े विभिन्न पहलुओं का विस्तृत विवरण दिया गया है।

रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद राज्यपाल ने राज्य निर्वाचन आयोग की सराहना करते हुए कहा कि आयोग ने चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराए।

उन्होंने कहा कि चुनाव से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट भविष्य में नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय लोकतांत्रिक संस्थाओं का अध्ययन करने वाले लोगों के लिए उपयोगी दस्तावेज साबित होगी।

राज्यपाल ने कहा कि मजबूत, जवाबदेह और संवेदनशील संस्थाएं किसी भी लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत होती हैं।

उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों का सफल आयोजन इस बात का प्रमाण है कि हिमाचल प्रदेश के मतदाता, राजनीतिक दल और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे ईमानदारी, समर्पण और जनहित की भावना के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे तथा समावेशी विकास को आगे बढ़ाएंगे।

रिपोर्ट में बताया गया है कि चुनाव समय पर कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कई तैयारियां कीं। ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों के परिसीमन, मतदाता सूचियों की तैयारी और संशोधन, चुनाव से जुड़े कानूनी मामलों और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी इसमें विस्तार से शामिल किया गया है।

रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चले मामलों का भी उल्लेख किया गया है, जिनके बाद चुनाव प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हुई।

रिपोर्ट के अनुसार परिसीमन के बाद प्रदेश में स्थानीय स्वशासन संस्थाओं की संख्या बढ़ी है। वर्ष 2021 में प्रदेश में 3,615 ग्राम पंचायतें थीं, जिनकी संख्या वर्ष 2026 में बढ़कर 3,758 हो गई। इसी अवधि में पंचायत समितियों की संख्या 81 से बढ़कर 92 हो गई। शहरी क्षेत्रों में नगर पंचायतों की संख्या 27 से बढ़कर 39 और नगर निगमों की संख्या पांच से बढ़कर आठ हो गई है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वर्ष 2026 में प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 54.55 लाख पहुंच गई। पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में लगभग 80 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि शहरी स्थानीय निकाय चुनाव में 70.14 प्रतिशत मतदान हुआ। रिपोर्ट में इसे स्थानीय लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति लोगों की मजबूत भागीदारी और विश्वास का संकेत बताया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा