हिमाचल में एक हफ्ते तक भारी बारिश का अलर्ट, भूस्खलन से 100 सड़कें अवरुद्ध
शिमला, 02 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक मौसम खराब रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 8 अगस्त तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार इस दौरान कई जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक बाढ़, जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। रविवार को भी राज्य के कई हिस्सों में मौसम खराब बना रहा। राजधानी शिमला में हल्की बारिश हुई, जबकि अन्य क्षेत्रों में कहीं बादल छाए रहे और कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार 3 अगस्त को बिलासपुर, कांगड़ा, चंबा और सिरमौर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 4 अगस्त को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा जिलों में भारी बारिश की संभावना है। 5 अगस्त को ऊना, चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। 6 अगस्त को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। विभाग का कहना है कि 8 अगस्त तक राज्य में कई स्थानों पर बारिश का दौर जारी रह सकता है।
बीते 24 घंटों के दौरान राज्य में अधिकांश स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 9 सेंटीमीटर वर्षा बिलासपुर जिले के ब्रह्माणी में रिकॉर्ड की गई। सिरमौर जिले के पांवटा में 6 सेंटीमीटर बारिश हुई। बिलासपुर जिले के आरएल बीबीएमबी में 5 सेंटीमीटर, ऊना जिले के रायपुर मैदान में 5 सेंटीमीटर, बिलासपुर सदर और बरठीं में 4-4 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। बिलासपुर के ओलिंडा, सोलन, सोलन एडब्ल्यूएस, कंडाघाट, कांगड़ा के देहरा गोपीपुर और ऊना के नंगल डैम में 3-3 सेंटीमीटर वर्षा हुई। कांगड़ा के गुलेर, मंडी के पंडोह, शिमला, रोहड़ू और सिरमौर के पच्छाद में 2-2 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। शिमला एडब्ल्यूएस, मंडी के जोगिंदरनगर, बग्गी, बिलासपुर के घाघस और शिमला के सराहन में 1-1 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
लगातार बारिश का असर जनजीवन पर भी दिखाई दे रहा है। राज्य में भूस्खलन के कारण करीब 100 सड़कें बंद हैं। सबसे अधिक सड़कें मंडी, कुल्लू और चंबा जिलों में प्रभावित हुई हैं। कुछ क्षेत्रों में बिजली के ट्रांसफार्मर भी बंद पड़े हैं और पेयजल योजनाएं प्रभावित होने से लोगों को पानी की आपूर्ति में दिक्कत आ रही है। संबंधित विभाग सड़कें खोलने और आवश्यक सेवाएं बहाल करने में जुटे हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के दौरान संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और मलबा गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। अचानक बाढ़ आने का खतरा भी बना रहेगा। नदियों, खड्डों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है तथा निचले इलाकों में जलभराव होने की आशंका है। फिसलन और कम दृश्यता के कारण सड़कों पर वाहन चलाने में भी परेशानी हो सकती है। विभाग ने लोगों से भूस्खलन और अचानक बाढ़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचने, नदियों और नालों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, यातायात संबंधी सलाह का पालन करने, मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर रखने और राज्य सरकार की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा