शिमला में स्कूल के खेल मैदान में पार्किंग पर का हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, प्रधानाचार्य और एसपी को बनाया प्रतिवादी
शिमला, 03 नवंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राजधानी शिमला के एक सरकारी स्कूल के खेल मैदान में वाहनों की पार्किंग किए जाने के मामले में हस्तक्षेप किया है। अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए एक शिकायत को जनहित याचिका के रूप में दर्ज करने के आदेश दिए हैं। शिकायत में कहा गया है कि नगर निगम की पेड पार्किंग उपलब्ध होने के बावजूद लोग राजकीय प्राथमिक पाठशाला (राम नगर क्लस्टर स्कूल) फागली के खेल मैदान में अपने वाहन खड़े कर रहे हैं। इससे स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को खेलकूद और अन्य बाहरी गतिविधियों के लिए मैदान का उपयोग करने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।
मुख्य न्यायाधीश जी.एस. संधावालिया और न्यायाधीश बी.सी. नेगी की खंडपीठ ने राम नगर निवासी अधिवक्ता आकाश ठाकुर की ओर से भेजी गई शिकायत पर यह आदेश दिया। शिकायत के साथ कुछ तस्वीरें भी भेजी गई थीं। इनमें स्कूल के खेल मैदान में वाहन खड़े दिखाई दिए हैं। शिकायत में अदालत का ध्यान इस ओर दिलाया गया कि लोग नगर निगम की निर्धारित शुल्क वाली पार्किंग का उपयोग करने के बजाय स्कूल परिसर के खेल मैदान को वाहनों की पार्किंग के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
शिकायत के अनुसार खेल मैदान में गाड़ियां खड़ी होने से बच्चों की खेल गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। स्कूल का मैदान बच्चों के शारीरिक विकास और खेलकूद के लिए महत्वपूर्ण है। पार्किंग के कारण बच्चे इस सुविधा का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। इसका असर उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर पड़ने की आशंका जताई गई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि स्कूल के शैक्षिक माहौल पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने स्कूल के प्रधानाचार्य और पुलिस अधीक्षक शिमला को भी इस मामले में पक्षकार बनाने के आदेश दिए हैं। अब अदालत इस मामले में संबंधित पक्षों का पक्ष सुन सकती है। हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 1 दिसंबर 2026 की तारीख तय की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा